
- रिपोर्ट: अमित कुमार
अयोध्या: नवरात्रि के दौरान चलने वाली रामलीला को लेकर रामलीला समिति की एक बैठक अयोध्या में की गई जिसमें रामलीला समिति के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे इस बैठक में संतों की ओर से यह कहा गया कि होने वाली रामलीला मर्यादा में हो और जिस तरह से रामचंद्र जी ने जीवन को व्यतीत किया और जो इस धरती से संदेश जाय वो राम जी के जीवन से होकर जाए।
आज लोगों को रिझाने के लिए फिल्मी दुनिया की तरह से रामलीला करने का प्रयास हो रहा है उस तरह ना हो बल्कि इस तरह हो जिस तरह राम जी के जीवन में हुआ है उसी को लोगों को बताना है और अध्यात्मिक तरीके से बताना है और राम भक्तों तक राम के जीवन की सारी बातें आसान शब्दों में पहुंचाई जाए ताकि राम भक्त यह जान सके की हमारे आराध्य पूज्य राम जी क्या थे और वह क्या चाहते थे।
साथी साधु संतों की ओर से कहा गया यह रामलीला मर्यादा के अनुकूल है और इसमें संतों का समावेश है संत का जो चित्र है और जो चरित्र है वह बेदाग होता है कहा गया कि वह अयोध्या में आए हैं और रामलीला कर रहे हैं तो वह मर्यादा के अनुकूल ही रहे तो ज्यादा अच्छा होगा कई जगह रामलीला चल रही है बैठक में पूज्य साधु संतों ने मीडिया के सामने क्या कुछ कहा है वह हम आपको सुनाते हैं।





