
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: अंबरगंज वार्ड में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई है। क्षेत्र में पिछले 8 महीनों से तिरंगा गंदगी और बदहाली के बीच लगा हुआ है। ध्वज के पास पड़ी शराब की बोतलें और गंदगी तिरंगे के अपमान की तस्वीर साफ बयां कर रही हैं।
जनता की शिकायतों को किया नजरअंदाज
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार वार्ड के सपा पार्षद अहसन से इस मुद्दे को लेकर शिकायत की, लेकिन हर बार अनदेखी की गई। पार्षद का रवैया इस गंभीर मसले पर बेहद उदासीन रहा।

पार्षद का विवादित बयान
जब मीडिया ने सपा पार्षद अहसन से इस मामले पर बात की, तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि “इन सब चीजों से मुझे फायदा होता है”, जो कि न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर उनकी मानसिकता पर सवाल खड़े करता है।

राष्ट्रीय ध्वज का अपमान, कानूनन अपराध
यह गंभीर मसला राष्ट्रीय सम्मान अधिनियम का उल्लंघन भी बनता है। सवाल यह उठता है कि जब एक जनप्रतिनिधि ही तिरंगे के सम्मान को लेकर लापरवाह हो, तो आम नागरिकों को कैसे प्रेरित किया जा सकता है?

तकिया क्षेत्र में नारकीय स्थिति
वार्ड के तकिया क्षेत्र की हालत भी बदतर है। लोग गंदगी, बदबू और बुनियादी सुविधाओं की कमी के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने पार्षद की निष्क्रियता पर नाराज़गी जताई है और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान की अनदेखी पर जनता में रोष
हिंदुस्तान में रहकर अगर कोई तिरंगे का सम्मान नहीं कर सकता, तो क्षेत्र की भलाई की उम्मीद करना भी बेमानी है—यह कहना है स्थानीय निवासियों का, जिनकी भावनाएं आहत हुई हैं।
अब देखना होगा कि प्रशासन और पार्टी नेतृत्व इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या तिरंगे के सम्मान की रक्षा के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं या नहीं।





