
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
आगरा: डॉक्टर के इलाज मैं लापरवाही के कारण एक और प्रसूता की जान चली गई. मामला आगरा के थाना जगदीशपुर के अंतर्गत सिंगल बेवी टेस्ट ट्यूब सेंटर औऱ हॉस्पिटल सेक्टर 4 बोदला में थाना शाहगंज के अंतर्गत ख्वासपुरा की रहने वाली कांता पत्नी लखन की पत्नी बच्चे नहीं होने की वजह से उपरोक्त हॉस्पिटल में बच्चे नही होने का इलाज करा रहे थे पिछले 9 महीने से सिंगल हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। विगत दो दिन पहले प्रसूता की तबीयत खराब होने पर उसे सिंगला हॉस्पिटल में भर्ती कराया जहां पर डॉक्टरों ने बच्चों की धड़कन कम होने पर ऑपरेशन करने की बात कहते हुए प्रसूता का ऑपरेशन कर दिया।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि डॉक्टर के द्वारा मार्तिका के इलाज में भारी लापरवाही बढ़ती गई इलाज के दौरान पीड़िता के तबीयत लगातार बिगड़ते रहने पर परिजनों ने अस्पताल संचालक से प्रसूता के तबीयत के लगातार शिकायत की जाती रही लेकिन इसके बावजूद भी अस्पताल संचालक और स्टाफ ने कोई ध्यान नहीं दिया।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि लगातार बिगड़ती तबीयत के बीच में जब डॉक्टर को लगा कि मामला उनके हाथ से निकलता जा रहा है तो बगैर घर वालों की जानकारी में लिए मार्तिका को जबरन एंबुलेंस में डालकर प्रवाह नर्सिंग होम ले गए जहां पर इलाज के दौरान प्रसूता की मौत हो गई।
प्रसूता की मौत होने के बाद में परिवारी जनों ने अस्पताल के सामने हंगामा काटना शुरु कर दिया था जिस पर अस्पताल प्रशासन ने पीड़िता के इलाज पर ध्यान देने की वजह है पीड़ित के परिवार पर दबाव बनाने के लिए पुलिस को अस्पताल पर बुला लिया और पुलिस की मदद से जहां दोनों बच्चों को परिवार नर्सिंग होम में भर्ती करवा दिया तो वहीं पर परिवार नर्सिंग होम से मृतका के शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया जहां पर पंचायत नामा भरने के बाद सबको घर वालों के हवाले कर दिया।
अस्पताल प्रशासन द्वारा इलाज में लापरवाही बरतने के कारण हुई महिला की मौत के बाद में परिजनों ने मृतका के शव को सड़क पर रखकर जगनेर रोड जाम कर दिया। मृतका के शव को सड़क पर रख जाम लगाने की सूचना पर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया आनंन फानन में थाना शाहगंज सहित कई थानों का फोर्स घटनास्थल पर पहुंच गया और घण्टों की मशक्कत के बाद में परिजनों को समझा बुझाकर सबको दाह संस्कार के लिए भिजवाया तब कहीं जाकर के प्रशासन की जान में जान आई .





