
लखनऊ: केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के अध्यक्ष रामदास अठावले ने बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा है कि उनकी पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 25 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहती है, लेकिन यदि सीटों को लेकर सहमति नहीं बनती है तो RPI(A) अकेले मैदान में उतरेगी।
दलितों के लिए जमीन और समाज भवन की मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अठावले ने योगी आदित्यनाथ सरकार से मांग की कि गांवों में दलित परिवारों को प्रति परिवार पांच एकड़ जमीन दी जाए। उनका कहना है कि इससे पलायन रुकेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। साथ ही उन्होंने गांवों में ‘समाज भवन’ (सामुदायिक केंद्र) बनाने की भी मांग रखी। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इन मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
महाराष्ट्र आधारित पार्टी, यूपी में बढ़ा रही दायरा
RPI(A) मुख्य रूप से महाराष्ट्र की पार्टी है, जो दलित समुदाय के मुद्दों पर सक्रिय रहती है। हाल के चुनावों में पार्टी ने बिहार और तमिलनाडु में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। हालांकि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 31 सीटों पर लड़ने के बावजूद पार्टी को सफलता नहीं मिली थी। लोकसभा चुनाव में अठावले 2004 में एक सीट जीतने में सफल रहे थे।
यूपी चुनाव पर सभी की नजर
उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। पिछले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने 403 में से 255 सीटें जीतकर सरकार बनाई थी, जबकि समाजवादी पार्टी को 111 सीटें मिली थीं। ऐसे में RPI(A) का यह ऐलान आगामी चुनावी समीकरणों पर असर डाल सकता है।





