
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ। अल्पसंख्यक छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के उद्देश्य से स्थापित उर्दू IAS-PCS स्टडी सेंटर पर बंदी का खतरा मंडराने लगा है। पारा स्थित भवन को खाली करने का नोटिस जारी होने के बाद यहां अध्ययनरत छात्रों और कर्मचारियों में चिंता बढ़ गई है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा भवन की लीज बढ़ाने से इनकार किए जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2015-16 में अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों को सिविल सेवा एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी उपलब्ध कराने के लिए उर्दू IAS-PCS स्टडी सेंटर की स्थापना की गई थी। सरकार इस संस्थान के संचालन के लिए प्रतिवर्ष लगभग ढाई करोड़ रुपये का बजट आवंटित करती है।
स्टडी सेंटर में छात्रावास, समृद्ध लाइब्रेरी और आधुनिक शैक्षणिक संसाधनों की व्यवस्था उपलब्ध है। यहां वर्तमान में 78 छात्र अध्ययन कर रहे हैं, जबकि 19 कर्मचारी कार्यरत हैं। भवन खाली करने के नोटिस के बाद इन सभी के भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है।
उर्दू अकादमी ने इस मामले में प्रमुख सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण को पत्र भेजकर भवन की लीज अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया है। अकादमी का कहना है कि यदि लीज का नवीनीकरण नहीं किया गया तो छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी और भवन में मौजूद करोड़ों रुपये मूल्य की पुस्तकें एवं अन्य शैक्षणिक संसाधनों के संरक्षण पर भी सवाल खड़े हो जाएंगे।
स्टडी सेंटर का रिकॉर्ड भी उल्लेखनीय रहा है। यहां से तैयारी करने वाले कई छात्रों ने PCS, RO और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है। सेंटर के पूर्व छात्र अतहर जमाल सहित कई अभ्यर्थियों का चयन PCS में हो चुका है।
छात्रों का कहना है कि यह संस्थान अल्पसंख्यक वर्ग के युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में सरकार को कोई सकारात्मक समाधान निकालना चाहिए ताकि उनकी पढ़ाई और भविष्य प्रभावित न हो।
भवन की लीज को लेकर अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन फिलहाल छात्रों, कर्मचारियों और उर्दू अकादमी की चिंताएं लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं।





