
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। आईपीएल मैच में करोड़ों रुपए की सट्टेबाजी करने के मामले में सट्टेबाज संचालक रितेश दिवाकर शुक्ला समेत दो आरोपितों को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने मूल रूप से मुंबई, महाराष्ट्र व वर्तमान में सिंधौरा निवासी आरोपित अमन सिंह व दिलावलपुर, कपसेठी निवासी आरोपित संचालक रितेश दिवाकर शुक्ला को 50-50 हजार रुपए की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी, अनुज यादव व आदित्य वर्मा ने पक्ष रखा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार कैंट थाने के उपनिरीक्षक गौरव कुमार सिंह को एक जून 2026 को सूचना मिली कि कुछ लोग महावीर मंदिर के पास टकटकपुर की ओर अंदर गली में सिद्धी हाईट्स के बेसमेन्ट में ऑनलाइन आईपीएल में सट्टा लगाकर खेल रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने छापेमारी की तो मौके से कुछ लोग पकड़े गए।
पूछताछ में पकड़े गए लोगों ने अपना नाम रितेश दिवाकर शुक्ला, रवि यादव, अर्पित तिवारी, अमन सिंह, विकास पटेल, जियाउलहक जैनुलआब्दीन, सचिन सिंह, गौरव चौहान, देवेश, अनिकेत कुमार, अमित तिवारी, सौरभ चौहान व राहुल मौर्या बताया।
पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे लोग आरडी डिजिटल नाम से ऐड एजेंसी चलाते हैं, जिसका काम विभिन्न कम्पनियों और फर्मों, वेबसाइट्स से सम्पर्क कर उनका प्रमोशन, मेट करना होता है। वे लोग उसकी टीम द्वारा विभिन्न Betting से सम्बन्धी वेव साइट्स का लिंक विभिन्न सोशल मीडिया पर डाला जाता है, जिस पर लोग जाकर रजिस्टर्ड होते हैं और उसको आईडी बेचकर बेटिंग का काम कराया जाता है। साथ ही वे लोग फर्जी नाम पते से तमाम फेसबुक पेज व आई डी बनाये हुए है जो कि उनके मोबाइल फोन व लेपटॉप में लॉगिन है। इन्ही आईडी के माध्यम से वे लोग आईपीएल मैच में सट्टेबाजी करते हैं।
तलाशी में उनके पास से कुल 1350 रूपये नगद, 17 अदद मोबाईल, 10 अदद लैपटॉप बरामद किया गया। बाद में सभी आरोपितों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया।




