
-यात्रियों को अनुमोदित पेयजल उपलब्ध कराने और अनधिकृत बिक्री पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत वाणिज्य विभाग की कैटरिंग टीम ने की कार्रवाई
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी: रेलगाड़ियों में यात्रियों को अनुमोदित पैकेटबंद पेयजल उपलब्ध कराने और अनधिकृत रूप से बेचे जा रहे पेयजल पर रोक लगाने के लिए रेलवे की ओर से नियमित जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत मंगलवार को वाराणसी जंक्शन पर वाणिज्य विभाग की कैटरिंग टीम ने कार्रवाई करते हुए ताप्ती गंगा एक्सप्रेस के रसोईयान से गैर-अनुमोदित ब्रांड के पैकेटबंद पेयजल की सात पेटियां बरामद कर जब्त कर लीं। रेलवे की इस कार्रवाई से रेलगाड़ियों में यात्रियों को उपलब्ध कराए जाने वाले पेयजल की गुणवत्ता और निर्धारित नियमों के पालन को लेकर जांच की गंभीरता सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को वाराणसी जंक्शन पर प्लेटफॉर्म संख्या आठ में नियमित जांच की जा रही थी। इसी दौरान गाड़ी संख्या 19046 ताप्ती गंगा एक्सप्रेस, जो थावे से सूरत के बीच संचालित होती है, के रसोईयान की जांच की गई। जांच के दौरान वहां ‘फ्यूचर वैली’ नामक ब्रांड के गैर-अनुमोदित पैकेटबंद पेयजल की सात पेटियां रखी हुई मिलीं। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई और तत्काल कार्रवाई शुरू की गई।
रसोईयान से उतरवाकर जब्त की गईं सात पेटियां
मामले को गंभीरता से लेते हुए वाणिज्य विभाग की वाराणसी कैटरिंग टीम ने मौके पर ही सभी सात पेटियों को रसोईयान से उतरवाया और अपने कब्जे में लेकर जब्ती की कार्रवाई की। इसके बाद रेलवे के निर्धारित नियमों के अनुसार पेयजल के निस्तारण की प्रक्रिया अपनाई गई। इस कार्रवाई का उद्देश्य रेलगाड़ियों में बिना आवश्यक अनुमति के पैकेटबंद पेयजल रखे जाने और उसकी बिक्री की संभावनाओं पर रोक लगाना है।
रेलवे में यात्रियों को खाद्य सामग्री और पेयजल उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित नियमों का पालन आवश्यक है। ऐसे में रसोईयान में रखे पेयजल की जांच को महत्वपूर्ण माना जाता है, ताकि यात्रियों तक पहुंचने वाली सामग्री निर्धारित मानकों और अनुमोदन संबंधी शर्तों के अनुरूप हो।
यात्रियों की सुविधा और नियमों के पालन पर जोर
रेलवे की ओर से समय-समय पर की जाने वाली जांच का उद्देश्य रेलगाड़ियों में खानपान संबंधी व्यवस्थाओं की निगरानी करना और अनधिकृत सामग्री की बिक्री पर अंकुश लगाना है। पैकेटबंद पेयजल के मामले में भी संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है, जिससे यात्रियों को उपलब्ध कराए जाने वाले उत्पादों की वैधता और निर्धारित मानकों के अनुरूप होने की जांच की जा सके।




