
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी। प्रयागराज आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुनना, पीड़ितों को अपनी बात रखने का अवसर देना और उनकी शिकायतों का समयबद्ध एवं निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करना जनहितकारी पुलिसिंग की महत्वपूर्ण पहचान है। इसी उद्देश्य के तहत मंगलवार को पुलिस उपायुक्त गंगानगर ने पुलिस कार्यालय में जनसुनवाई आयोजित कर फरियादियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की गंभीरता के अनुरूप जांच कराते हुए त्वरित, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के माध्यम से पुलिस प्रशासन ने आमजन की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
जनसुनवाई के दौरान पुलिस उपायुक्त ने फरियादियों की ओर से प्रस्तुत शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुना और प्रत्येक प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। प्रत्येक मामले में तथ्यों के आधार पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाए, ताकि शिकायतकर्ता को न्यायसंगत समाधान मिल सके।
शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं**
पुलिस उपायुक्त गंगानगर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक शिकायत को उसकी प्रकृति और गंभीरता के अनुसार लेते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई पूरी की जाए। जिन मामलों में जांच की आवश्यकता है, उनमें संबंधित तथ्यों का सत्यापन कर निष्पक्ष तरीके से निर्णय लिया जाए।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे फरियादियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। संबंधित अधिकारी शिकायतों पर की गई कार्रवाई की प्रभावी निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी प्रकरण को बिना उचित जांच और समाधान के लंबित न रखा जाए।
फरियादियों की बात सुनना और उनकी समस्या समझना प्राथमिकता**
जनसुनवाई का प्रमुख उद्देश्य आम नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे पुलिस अधिकारियों के सामने रखने का अवसर उपलब्ध कराना है। कई बार शिकायतकर्ता अपनी समस्या के समाधान के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास करते हैं। ऐसे में जनसुनवाई उनके लिए अपनी बात रखने और संबंधित अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनती है।
पुलिस उपायुक्त ने जनशिकायतों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने और प्रत्येक फरियादी की बात गंभीरता से सुनने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि शिकायतों पर कार्रवाई करते समय निष्पक्षता, पारदर्शिता और कानून के प्रावधानों का पूरा ध्यान रखा जाए। किसी भी व्यक्ति की शिकायत को बिना उचित परीक्षण के नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
जवाबदेह पुलिसिंग से मजबूत होगा जनता का भरोसा
पुलिस और आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में जनसुनवाई की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जब नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाता है और उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है, तो पुलिस प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होता है। इसके साथ ही शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण से लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक व्यवस्थित माध्यम भी मिलता है।
पुलिस उपायुक्त गंगानगर ने अधिकारियों को जनहित को प्राथमिकता देते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान शिकायतों की जांच, कार्रवाई की गुणवत्ता और समयसीमा का पालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर रहा।
### *त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान पर पुलिस प्रशासन का जोर*
पुलिस प्रशासन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य शिकायतकर्ताओं को उचित सुनवाई उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना है। जनसुनवाई जैसी व्यवस्था के माध्यम से पुलिस अधिकारियों को सीधे आमजन की समस्याओं से रूबरू होने और संबंधित मामलों में आवश्यक दिशा-निर्देश देने का अवसर मिलता है।
मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के जरिए पुलिस उपायुक्त गंगानगर ने स्पष्ट संदेश दिया कि आम नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और उनका निस्तारण कानून के अनुरूप किया जाए। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए शिकायतों के समाधान को प्राथमिकता दें।




