
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी। शादी का झांसा देकर युवती के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में मुकदमे का सामना कर रहे डीरेका (बीएलडब्ल्यू) के रेलकर्मी जितेंद्र कुमार राही को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया। अपर जिला जज (सप्तम) विकास श्रीवास्तव की अदालत ने अभियोजन द्वारा आरोपों को संदेह से परे साबित न किए जाने पर आरोपित को संदेह का लाभ दिया।
अभियोजन के अनुसार, पीड़िता ने 23 सितंबर 2020 को पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि ठठरा, मिर्जामुराद निवासी जितेंद्र कुमार राही उसके भाई का दोस्त था और गांव में क्रिकेट खेलने आता था। आरोप था कि युवती की उम्र 17 वर्ष होने के दौरान जितेंद्र ने उससे शादी का वादा कर संबंध बनाए और बाद में भी शादी का झांसा देता रहा।

प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया था कि 20 अगस्त 2020 की रात करीब नौ बजे आरोपित उसके घर आया और दोबारा दुष्कर्म किया। पीड़िता द्वारा शादी के लिए दबाव बनाने पर आरोपित ने कथित तौर पर टालमटोल की और विरोध करने पर गाली-गलौज व धमकी देने का आरोप लगाया गया।
इस मामले में पुलिस ने 13 अक्टूबर 2020 को मुकदमा दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विचारण के दौरान अभियोजन ने पीड़िता सहित पांच गवाहों को अदालत में परीक्षित कराया। अदालत ने गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अभियोजन द्वारा आरोप सिद्ध न किए जाने पर जितेंद्र कुमार राही को दोषमुक्त कर दिया।
बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, अधिवक्ता बृजपाल सिंह यादव ‘गुड्डू’ और नरेश यादव ने पक्ष रखा।





