
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
Varanasi: शारदीय नवरात्र के अवसर पर महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और सशक्तिकरण को लेकर वाराणसी कमिश्नरेट के गोमती जोन में मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस उपायुक्त गोमती जोन एवं अपर पुलिस उपायुक्त गोमती जोन के निर्देशन में सोमवार को जोन के समस्त थानों की एंटी रोमियो एवं मिशन शक्ति टीमों ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों में भ्रमण कर महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तथा आपातकालीन सहायता सेवाओं की जानकारी दी।
उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप संचालित इस अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने प्रमुख बाजारों, कस्बों, चौराहों, स्कूलों-कॉलेजों, धार्मिक स्थलों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर पहुंचकर महिलाओं एवं बालिकाओं से संवाद किया। इस दौरान उन्हें नारी सम्मान, नारी सुरक्षा और नारी स्वावलंबन के महत्व के बारे में बताया गया। पुलिस टीमों ने महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की परेशानी, उत्पीड़न या असुरक्षा की स्थिति में चुप रहने के बजाय उपलब्ध सहायता सेवाओं का उपयोग करें और तत्काल संबंधित पुलिस हेल्पलाइन से संपर्क करें।
अभियान के अंतर्गत महिलाओं एवं बालिकाओं को केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। पुलिस टीमों ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, वन स्टॉप सेंटर और आयुष्मान योजना सहित अन्य योजनाओं के बारे में बताया। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ ही उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और कल्याणकारी सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराने में सहायता करना है।
महिला सुरक्षा हेल्पलाइन और आपातकालीन सेवाओं की दी गई जानकारी
जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने महिलाओं एवं बालिकाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इनमें वूमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, स्वास्थ्य सेवा 102, एंबुलेंस सेवा 108 और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 शामिल हैं। पुलिसकर्मियों ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर इन हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से संबंधित सहायता प्राप्त की जा सकती है।
महिलाओं और बालिकाओं को हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पंपलेट भी वितरित किए गए। इसके साथ ही मोबाइल फोन के माध्यम से आपातकालीन कॉल करने और पैनिक बटन के उपयोग के बारे में समझाया गया, ताकि संकट की स्थिति में वे समय रहते सहायता प्राप्त कर सकें। पुलिस टीमों ने महिलाओं को अपने मोबाइल फोन में आवश्यक हेल्पलाइन नंबर सुरक्षित रखने तथा जरूरत पड़ने पर उनका उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया।
साइबर अपराध और महिला संबंधी कानूनों के प्रति भी किया जागरूक
मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं एवं बालिकाओं को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी गई। पुलिस टीमों ने उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर उत्पीड़न और इंटरनेट के माध्यम से होने वाले अपराधों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या साइबर अपराध का सामना करने पर समय रहते शिकायत दर्ज कराने और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 की सहायता लेने के बारे में बताया गया।
इसके अलावा महिला संबंधी कानूनों, अधिकारों और पुलिस से सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस टीमों ने महिलाओं एवं बालिकाओं को समझाया कि किसी भी आपात स्थिति में वे पुलिस की मदद ले सकती हैं। अभियान के माध्यम से उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या असुरक्षा की स्थिति में उचित कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
महिलाओं में सुरक्षा की भावना मजबूत करना अभियान का उद्देश्य
गोमती जोन के समस्त थानों की एंटी रोमियो एवं मिशन शक्ति टीमों द्वारा चलाए गए इस जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना, उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना और सरकारी सहायता सेवाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने में मदद करना है। शारदीय नवरात्र के दौरान चलाए जा रहे मिशन शक्ति फेज-6.0 के माध्यम से पुलिस प्रशासन महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।
पुलिस उपायुक्त गोमती जोन एवं अपर पुलिस उपायुक्त गोमती जोन के निर्देशन में आयोजित इस अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने महिलाओं एवं बालिकाओं को उपलब्ध सुरक्षा संसाधनों की जानकारी देकर जरूरत पड़ने पर उनका उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। अभियान के माध्यम से महिलाओं को यह संदेश दिया गया कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी समस्या या असुरक्षा की स्थिति में पुलिस तथा संबंधित सहायता सेवाओं से संपर्क करने में संकोच न करें।




