
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर काशी में श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और दान-पुण्य कर पुण्य अर्जित किया।
वहीं पर्व के उल्लास ने शहर की छतों को रंगीन पतंगों से भर दिया। दिनभर लोग छतों पर पतंग उड़ाते नजर आए। आसमान में एक-दूसरे से होड़ करती पतंगों के बीच “भकक्काटे” का शोर गूँजता रहा, जिसने पूरे शहर को उत्सवमय माहौल से भर दिया।
मकर संक्रांति पर धार्मिक आस्था के साथ लोकउत्सव की यह परंपरा काशी की सांस्कृतिक पहचान को एक बार फिर जीवंत करती दिखी।
About The Author
Views:0





