
-गोला दीनानाथ में दो मकानों में छिपाकर रखा गया था पटाखा बनाने का सामान, गोदाम मालिक राजेश गुप्ता उर्फ राजू गिरफ्तार
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी। दीपावली से पहले वाराणसी पुलिस ने अवैध पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली थाना क्षेत्र के गोला दीनानाथ में पुलिस ने छापेमारी कर कुल 10,596 किलोग्राम यानी 105 क्विंटल 96 किलोग्राम सामग्री बरामद की है। पुलिस ने इस मामले में कथित गोदाम स्वामी राजेश कुमार गुप्ता उर्फ राजू गुप्ता (39 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। बरामद सामग्री में चारकोल पाउडर, एल्युमिनियम पाउडर, विभिन्न प्रकार के रासायनिक पाउडर तथा पटाखा निर्माण में प्रयुक्त डेटोनेटर और पलीता शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त के निर्देश पर अपराधों की रोकथाम और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। डीसीपी काशी जोन के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस की टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर छापेमारी की।

दो मकानों में छिपाकर रखी गई थी सामग्री
पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिली थी कि कोतवाली थाना क्षेत्र के गोला दीनानाथ स्थित मकान संख्या के. 65/6-ए और के. 65/16 में पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का अवैध रूप से भंडारण किया गया है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी निरीक्षक दयाशंकर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बताए गए स्थानों पर छापेमारी की।
तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी मात्रा में पटाखा निर्माण में प्रयुक्त सामग्री मिली। बरामदगी का कुल वजन 10,596 किलोग्राम बताया गया है। इसके बाद पुलिस ने संबंधित गोदाम स्वामी राजेश कुमार गुप्ता उर्फ राजू गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी वाराणसी के चेतगंज थाना क्षेत्र स्थित हबीबपुरा का निवासी है। बरामदगी के संबंध में कोतवाली थाने में मुकदमा अपराध संख्या 251/2026 दर्ज किया गया है। मामले में विस्फोटक अधिनियम, 1884 की धारा 5/9बी(1)(बी) तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 288 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पूछताछ में सामने आई भंडारण की वजह
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि आगामी दशहरा और दीपावली के त्योहारों को देखते हुए उसने पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री का भंडारण किया था। आरोपी के कथन के मुताबिक, वह इस सामग्री को विभिन्न क्षेत्रों में पटाखा निर्माण के लिए बेचता था। उसने वर्ष 1996 से इस व्यवसाय में संलिप्त होने की बात भी कही है।
हालांकि, आरोपी के इन बयानों और कारोबार से जुड़े अन्य पहलुओं की पुष्टि जांच के दौरान की जानी है। पुलिस की कार्रवाई का मुख्य आधार गोदाम से बरामद सामग्री और उससे संबंधित दर्ज मुकदमा है।
चारकोल से लेकर एल्युमिनियम पाउडर तक, बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद
पुलिस की ओर से जारी बरामदगी सूची में पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली कई तरह की सामग्री का उल्लेख किया गया है। इसमें चारकोल पाउडर की बोरियां और पन्नियां, चमकीला पाउडर, एल्युमिनियम बुरादा, बोरेक्स पाउडर, साल्ट पीटर, सेलखड़ी रोल और पाउडर, अम्लसार, मैंग्नीशियम पाउडर, लाल व सफेद सुरमा तथा एल्युमिनियम पाउडर शामिल हैं।
इसके अलावा, पटाखा निर्माण में प्रयुक्त डेटोनेटर और पलीता भी बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, इनकी तीन पेटियों का कुल वजन 171 किलोग्राम है। एल्युमिनियम पाउडर की सामग्री बोरियों के साथ-साथ सीलबंद और खुले टिन के ड्रमों में भी मिली।
इतनी बड़ी मात्रा में पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री मिलने के बाद मामला सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हो गया है। हालांकि, सामग्री के भंडारण की परिस्थितियों, गोदाम में सुरक्षा के इंतजाम और आवश्यक लाइसेंस या अनुमति से जुड़े तथ्यों पर विस्तृत जानकारी पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति में नहीं दी गई है।
त्योहारी सीजन में अवैध भंडारण पर पुलिस की नजर
दशहरा और दीपावली के दौरान पटाखों की मांग बढ़ने के साथ उनके निर्माण और भंडारण से जुड़े मामलों में सुरक्षा का सवाल भी अहम हो जाता है। ऐसे में बड़ी मात्रा में पटाखा निर्माण की सामग्री का भंडारण मिलने के बाद पुलिस की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।





