
- रिपोर्ट: ज्ञानेश वर्मा
लखनऊ। “स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत” के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान केंद्र में एक विशाल स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। जिला स्वास्थ्य विभाग और आधुनिक चिकित्सा संस्थाओं के इस साझा प्रयास में न सिर्फ स्थानीय नागरिकों की निःशुल्क जांच कर दवाएं बांटी गईं, बल्कि डिजिटल तकनीक के जरिए टीबी को जड़ से मिटाने का एक नया संकल्प भी देखा गया।
यह भव्य कैंप मुख्य चिकित्सा अधिकारी लखनऊ डॉ. एन. बी. सिंह एवं जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अतुल कुमार सिंघल के कुशल मार्गदर्शन और क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान केंद्र के सहायक निदेशक डॉ. संजय कुमार सिंह के विशेष सहयोग से आयोजित हुआ।
कैंप में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित टी बी इकाई डॉ राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान गोमती नगर लखनऊ के वरिष्ठ लैब पर्यवेक्षक डाॅ पियूष कुमार सिंह व वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक अरुण कुमार ने लोगों को टीबी के लक्षणों और इसके पूर्ण उपचार के बारे में विस्तार से समझाया।
उन्होंने समाज में फैले भ्रम को दूर करते हुए कहा: “टीबी अब लाइलाज बीमारी नहीं है, बशर्ते इसका कोर्स बिना रुके पूरा किया जाए। सरकार मरीजों के साथ हर कदम पर खड़ी है।”
उन्होंने सरकार की महत्वाकांक्षी ‘निक्षय पोषण योजना’ पर विशेष प्रकाश डाला, जिसके तहत टीबी मरीजों को इलाज के दौरान बेहतर खान-पान और पोषण के लिए सीधे उनके बैंक खाते में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

तकनीक से टीबी को मात: मोबाइल में डाउनलोड कराया ‘टीबी मुक्त भारत ऐप’
इस स्वास्थ्य शिविर की सबसे अनूठी और आधुनिक बात यह रही कि यहाँ स्वास्थ्य जागरूकता को डिजिटल माध्यम से जोड़ा गया। कैंप में आए सभी लाभार्थियों, चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ के मोबाइल में मौके पर ही ‘टीबी मुक्त भारत ऐप’ डाउनलोड करवाया गया। इसका उद्देश्य आम नागरिकों और स्वास्थ्य कर्मियों को टीबी उन्मूलन से जुड़ी सरकारी योजनाओं, जांच केंद्रों और जरूरी जानकारियों से सीधे अपडेट रखना है।
पारंपरिक आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा का बेजोड़ समन्वय
इस कैंप की सफलता स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बेहतरीन टीमवर्क की मिसाल पेश करती है। जिला स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारियों की देखरेख में जहाँ एक ओर पारंपरिक आयुर्वेद संस्थान (क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान केंद्र) ने मेजबानी की, वहीं दूसरी ओर मेदांता फाउंडेशन (CSR) जैसी आधुनिक चिकित्सा संस्थाओं ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
सहयोगियों का जताया आभार
कार्यक्रम के सफल समापन पर क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान केंद्र के सहायक निदेशक डॉ. संजय कुमार सिंह ने इस मानवीय पहल की सराहना की। उन्होंने उच्चाधिकारियों के मार्गदर्शन के प्रति कृतज्ञता जताई।
इसके साथ ही उन्होंने शिविर को सफल बनाने के लिए:
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, गोमती नगर टीबी इकाई): वेंकटेश तिवारी
मेदांता फाउंडेशन (CSR): विवेक कुमार पाण्डेय
शिविर में आए सभी डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और जागरूक नागरिकों का सहृदय आभार व्यक्त किया।
जनता में भारी उत्साह: शिविर में आए लोगों के चेहरों पर राहत और संतोष के भाव साफ देखे जा सकते थे। संस्थान की इस जन-कल्याणकारी और दूरदर्शी पहल की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।





