
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
Varanasi: जौनपुर जनपद में अवैध असलहा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सुजानगंज पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने अंतरराज्यीय असलहा तस्करी गिरोह के मुख्य सरगना सहित पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार, जिंदा कारतूस, नकदी और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो 12 बोर की बंदूक, 200 जिंदा कारतूस, एक .22 बोर की राइफल, एक प्रतिबंधित 9 एमएम पिस्टल, एक .45 बोर की ग्लॉक पिस्टल, विभिन्न बोर के 10 जिंदा कारतूस, तस्करी के कारोबार से प्राप्त 7 लाख 58 हजार रुपये नकद और 11 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन में अपराधियों की धरपकड़ और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आतिश कुमार सिंह के दिशा-निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी बदलापुर अजय कुमार राय के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष अमित कुमार पाण्डेय अपनी पुलिस टीम के साथ 31 अक्टूबर को थाना सुजानगंज क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि कुरांवां नहर पुलिया के पास कुछ लोग अवैध असलहों और कारतूसों की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और कथित रूप से अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में हथियार, कारतूस, नकदी और मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का मुख्य सरगना शुभम सिंह उर्फ शिवा सिंह भी शामिल है।
पांच राज्यों तक फैला था असलहा तस्करी का नेटवर्क
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार गिरोह का मुख्य सरगना शुभम सिंह अपने सहयोगियों के माध्यम से उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में अवैध असलहों और कारतूसों की सप्लाई करता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था और अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त के जरिए आर्थिक लाभ कमाया जा रहा था।
पुलिस का दावा है कि इस गिरोह द्वारा विभिन्न राज्यों में आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के लिए भी हथियारों की आपूर्ति की गई है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।
बिहार के बालू खनन गैंगवार में भी हथियार सप्लाई करने का आरोप
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार गिरोह के सरगना शुभम सिंह का नाम वर्ष 2022 में बिहार के पटना जनपद के बिहटा थाना क्षेत्र स्थित अमनाबाद सोन नदी इलाके के कवरिया घाट और सोन टीला में अवैध बालू खनन तथा बालू की लीज में हिस्सेदारी और वर्चस्व को लेकर हुए गैंगवार से भी जुड़ा बताया गया है। पुलिस का आरोप है कि उस दौरान गैंगवार में इस्तेमाल के लिए राइफल, पिस्टल और कारतूस की खरीद-फरोख्त कर उनकी आपूर्ति की गई थी।
पुलिस के अनुसार शुभम सिंह के खिलाफ देश के विभिन्न थानों में अवैध असलहा और कारतूस तस्करी समेत अन्य गंभीर मामलों के लगभग डेढ़ दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। उसका आपराधिक नेटवर्क उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और दिल्ली सहित कई राज्यों में सक्रिय बताया गया है।
कानपुर के गन हाउस से भी जुड़ रहे हथियारों की आपूर्ति के तार
इस मामले की जांच के दौरान कानपुर स्थित हैरिस गन हाउस से भी कुछ हथियारों की आपूर्ति का कथित लिंक सामने आया है। पुलिस के मुताबिक गन हाउस के प्रोपराइटर अब्दुल्ला खान तथा संबंधित गिरोह के कुछ अन्य आरोपी अभी वांछित हैं। इनमें बिहार, उत्तराखंड, दिल्ली और अन्य राज्यों से जुड़े लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली है। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। इस बिंदु पर जांच आगे बढ़ने के साथ हथियारों की आपूर्ति के नेटवर्क से जुड़े अन्य नाम भी सामने आने की संभावना है।
गिरफ्तार पांच आरोपियों का विवरण
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम सिंह उर्फ शिवा सिंह निवासी जुड़ापुर थाना सरपतहां, संतोष कुमार निवासी छीतम पट्टी थाना सरपतहां, सौरभ सिंह निवासी वार्ड नंबर-15, बाड़गंगा, शहडोल मध्य प्रदेश, अनीश सिंह निवासी गायत्री मंदिर के पास वार्ड नंबर-15 शहडोल मध्य प्रदेश तथा दिग्विजय सिंह निवासी बाड़गंगा तिराहा वार्ड नंबर-15 शहडोल मध्य प्रदेश के रूप में की है।
भारी मात्रा में हथियार और नकदी बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने दो 12 बोर की बंदूक, 200 जिंदा कारतूस, एक .22 बोर की राइफल, एक प्रतिबंधित 9 एमएम पिस्टल और उसके पांच कारतूस तथा एक .45 बोर की ग्लॉक पिस्टल और उसके पांच कारतूस बरामद किए हैं। इसके अतिरिक्त अवैध असलहा तस्करी के क्रय-विक्रय से प्राप्त 7 लाख 58 हजार रुपये नकद और 11 मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
मुख्य सरगना के खिलाफ डेढ़ दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमों का उल्लेख
पुलिस के अनुसार शुभम सिंह उर्फ शिवा सिंह के खिलाफ जौनपुर, बलिया, सुल्तानपुर, मुजफ्फरनगर, कानपुर, लखनऊ, बिहार और दिल्ली सहित विभिन्न स्थानों पर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ धोखाधड़ी, लूटे गए सामान की बरामदगी, हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और अवैध शस्त्र रखने एवं तस्करी से संबंधित मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है। अन्य चार गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ फिलहाल इस मामले में सुजानगंज थाने में दर्ज मुकदमे का उल्लेख किया गया है।
इस संबंध में थाना सुजानगंज में मुकदमा अपराध संख्या 364/2026 के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं तथा आयुध अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सभी पांचों आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय भेज दिया गया।
पुलिस टीम को 20 हजार रुपये का पुरस्कार
इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष अमित कुमार पाण्डेय, उपनिरीक्षक आनंद राय, मुख्य आरक्षी मानस तिवारी तथा कांस्टेबल शुभम सिंह, अमरनाथ तिवारी, गया प्रसाद पटेल, वरुण यादव, संजीव यादव, श्यामसुंदर और सोनू पासवान शामिल रहे।
पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम की सराहना करते हुए पूरी टीम को 20 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
पुलिस की इस कार्रवाई को अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्करी के नेटवर्क पर बड़ी चोट माना जा रहा है। अब जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस हथियारों की खरीद-फरोख्त, सप्लाई चेन, अन्य राज्यों में सक्रिय सहयोगियों और कथित तौर पर हथियार खरीदने वाले लोगों की पहचान करने में जुटी है।




