
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
काठमांडू: नेपाल में भारी जन आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। सोशल मीडिया प्रतिबंध और भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुए हिंसक प्रदर्शनों ने देश में सियासी तूफान ला दिया, जिसके चलते गठबंधन सरकार ढह गई।
सोमवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पों में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों घायल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कई सरकारी इमारतों और नेताओं के घरों को आग के हवाले कर दिया। मंगलवार को ओली ने सोशल मीडिया प्रतिबंध हटाने की घोषणा की और शांतिपूर्ण वार्ता की अपील की, लेकिन जनता का गुस्सा शांत नहीं हुआ।
आखिरकार, भारी दबाव के बीच ओली ने मंगलवार को राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। प्रदर्शनकारी अब व्यवस्थागत सुधार और भ्रष्टाचार के खिलाफ जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। यह नेपाल के हाल के इतिहास में सबसे गंभीर राजनीतिक संकटों में से एक है।




