
- रिपोर्ट: अमित कुमार
Ayodhya: पत्रकारों के उत्पीड़न और कथित फर्जी मुकदमों के खिलाफ राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने मंगलवार को मोर्चा खोल दिया। संगठन के पदाधिकारियों और पत्रकारों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपकर पत्रकारों के खिलाफ दर्ज कथित फर्जी मुकदमों को समाप्त करने और उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग की।
जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने कहा कि खबरों की कवरेज करने और वायरल वीडियो से संबंधित समाचार प्रकाशित करने पर पत्रकारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करना स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
दिल्ली की महिला पत्रकारों के मामले में कार्रवाई की मांग
ज्ञापन के माध्यम से दिल्ली की स्वतंत्र महिला पत्रकार साहीन खान और नफीसा खान के साथ कवरेज के दौरान कथित मारपीट के मामले में भी कार्रवाई की मांग की गई। पत्रकारों का आरोप है कि थाना प्रभारी और महिला दरोगा द्वारा दोनों पत्रकारों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार और मारपीट की गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।

संगठन ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई किए जाने की मांग की।
अयोध्या में पत्रकारों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने अयोध्या के वरिष्ठ पत्रकार केके मिश्रा और इंडिया न्यूज दर्पण से जुड़े पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मुकदमे को भी समाप्त करने की मांग की। संगठन का कहना है कि पत्रकारों ने कथित तौर पर किसी व्यक्ति की पुष्टि किए बिना वायरल वीडियो के आधार पर खबर प्रकाशित की थी, लेकिन इसके बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
पत्रकार संगठन ने इसे अनुचित बताते हुए मुकदमा समाप्त करने की मांग की है।
‘वायरल वीडियो की खबर पर मुकदमा अन्यायपूर्ण’
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के जिला अध्यक्ष आरपी तिवारी ने कहा कि यदि वायरल वीडियो से संबंधित खबर प्रकाशित करने पर पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाता है तो यह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर पत्रकार धरना देने के साथ न्यायालय का रुख भी करेंगे, लेकिन पत्रकारों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महिला जिला अध्यक्ष संगीता श्रीवास्तव ने कहा कि यदि पत्रकारों के साथ इसी तरह का रवैया जारी रहा तो जमीनी सच्चाई सामने लाने में मुश्किल होगी। उन्होंने कहा कि पत्रकारों का काम जनता से जुड़े मुद्दों को सामने रखना है।
पत्रकारों ने कार्रवाई की चेतावनी दी
पत्रकार बंटी सिंह ने कहा कि गलत काम करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए, लेकिन किसी मामले की कवरेज करने वाले पत्रकार पर ही मुकदमा दर्ज करना उचित नहीं है।
पत्रकार दिलीप तिवारी ने कहा कि मामलों में निष्पक्ष जांच के बाद कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कथित फर्जी मुकदमे वापस नहीं लिए गए तो पत्रकारों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है।
पत्रकार रुद्र उमेश यादव ने कहा कि पत्रकारों का काम सच को सामने लाना है और पत्रकारों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं नीलेश विश्वकर्मा ने दिल्ली की महिला पत्रकारों के मामले में कार्रवाई और अयोध्या के पत्रकारों पर दर्ज मुकदमों को समाप्त करने की मांग की।
सैकड़ों पत्रकार हुए लामबंद
पूर्व महामंत्री गिरीश त्रिपाठी ने पत्रकारों को हरसंभव कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। इस दौरान ओम प्रकाश वर्मा, सूर्य प्रकाश मिश्रा, रमेश शर्मा, उमेश यादव, संजय यादव, दया शंकर मौर्य, जसीम खान, राजू यादव, जितेंद्र कुमार, अमित कुमार श्रीवास्तव, लव कुमार पाण्डेय, विपिन पाण्डेय, नेहा हाशमी, सतेंद्र शुक्ला, अधिवक्ता विजय कुमार, आशीष शुक्ला, रवि मौर्य, अधिवक्ता आदर्श कुमार और विजय तिवारी समेत बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।
पत्रकारों ने कहा कि यदि संबंधित मामलों में उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आगे आंदोलन और कानूनी कार्रवाई की रणनीति तैयार की जाएगी।




