
हरे पेड़ों की कटान कर लकड़ी के बोटों को आरा मशीन के पीछे किया जा रहा डंप संबंधित जानकर भी अनजान
- रिपोर्ट: सुरेश त्रिपाठी
बलरामपुर जहां एक तरफ प्रदुषण मुक्त बनाने के लिए सरकार हर वर्ष करोड़ों रुपए खर्च कर पौधा रोपड़ अभियान चला रही है जिससे जनता को साफ व स्वच्छ हवा मिल सके वहीं दूसरी तरफ वन विभाग की मिली भगत से लकड़ी माफिया चाऊर खाता क्षेत्र में बिना परमिट हरे सागौन, आम, व शीशम के पेड़ों का कटान कर रेगिस्तान बनाने में जुटे हैं।मजे की बात तो यह है की सदर बलरामपुर का आरा मशीन अब अवैध विना परमिट के काटे गए पेड़ो की लकड़ियां रखने का हब बनता जा रहा है।
वहीं वन दरोगा व फारेस्ट गार्ड को शिकायत करने पर या तो लकड़ी माफियाओं को शिकायत कर्ता का नाम बता दिया जाता है या फिर कार्यवाही के नाम पर दो चार पेड़ों का कार्यवाही कर बाकी पेड़ो की जड़ों को जेसीबी से उखड़वा दिया जाता है।अब सवाल यह उठता है की जब अधिकारियों द्वारा ऐसा कृत्य किया जाता रहेगा तो आने वाला समय बड़ा ही भयावाह होगा और जनता साफ व स्वच्छ हवा के लिए तरसेगी और संबंधित लकड़ी माफियाओं से मिली भगत कर अपनी जेबें भरते रहें और सरकार को खुलेआम राज्स्व का चूना लगाते रहेंगे।
आप को बता दे की बलरामपुर सदर के संयुक्त जिला चिकित्सालय के समीप स्थित आरा मशीन के पीछे लगभग दो ट्रक सागौन, आम व शीशम के मोटे मोटे बोटों को डंप किया गया है। संबंधितों को जानकारी देने के बाद भी लगभग 24घंटे बीत जाने के बाद भी कार्यवाही शून्य है जिससे संबंधितों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है अब सवाल यह है कि आखिर क्या वन विभाग आरा मशीन के पीछे डंप लकड़ी के बोटो को लेकर कार्यवाही कर पायेगा या फिर अपना हिस्सा लेकर मामले में होगा रफा दफा????
उपरोक्त मामले को लेकर जब कल दिनांक 28 मई 2026को स्वामी नाथ फारेस्ट गार्ड से दूरभाष पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया की आरा मशीन पर गये थे लेकिन कोई मिला नहीं।
वहीं जब उपरोक्त मामले को लेकर वन दरोगा सुरेश सिंह से दूरभाष पर संपर्क किया गया तो बेल जाती रही लेकिन साहब ने फोन रिसीव करना उचित नहीं समझा।




