
-जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ओ.पी. त्रिपाठी को पद से हटाने के दिए निर्देश एसटीएफ को सौंपी जांच की जिम्मेदारी।
- रिपोर्ट: ज्ञानेश वर्मा / यूपी हेड
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आने के बाद पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। सिटी इंटर कॉलेज बाराबंकी से जुड़े इस प्रकरण में एक शिक्षक पर एक ही समय में दो जगह नौकरी करने और वेतन लेने के आरोप लगे हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था कटघरे में आ गई है।
इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ओ.पी. त्रिपाठी को पद से हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच स्पेशल टास्क फोर्स को सौंप दी गई है।
अदालत के इस आदेश के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। मामला सिटी इंटर कॉलेज, बाराबंकी का है, जहां सहायक अध्यापक (संस्कृत) अभय कुमार पर आरोप है कि उन्होंने कॉलेज प्रबंधन को बिना सूचना दिए छत्तीसगढ़ के बीजापुर स्थित एकलव्य विद्यालय में प्रवक्ता पद पर ज्वाइन कर लिया।
बताया जा रहा है कि वहां से विधिवत कार्यमुक्त हुए बिना ही वे दोबारा बाराबंकी लौट आए और कथित तौर पर अधिकारियों की मिलीभगत से अपने पुराने विद्यालय में फिर से कार्यभार संभाल लिया। इस पूरे घटनाक्रम ने विभागीय कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि ऐसे कई मामलों में सख्त कार्रवाई के बजाय उन्हें दबाने की कोशिश की जाती रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक ओ.पी. त्रिपाठी का नाम भी पहले से विवादों में जुड़ा रहा है, जिससे इस प्रकरण ने और तूल पकड़ लिया है।




