
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: राज्य सरकार द्वारा बिजली विभाग के निजीकरण की योजना के खिलाफ आज शक्ति भवन पर बिजली कर्मियों ने अनशन शुरू कर दिया। इस आंदोलन का नेतृत्व बिजली कर्मी संघर्ष समिति कर रही है।
कर्मचारी न केवल निजीकरण का विरोध कर रहे हैं, बल्कि संविदा कर्मियों की बहाली और उनकी लंबित समस्याओं के समाधान की भी मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने ऊर्जा मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई हो सके।
इस आंदोलन को उत्तराखंड के बिजली कर्मचारियों का भी समर्थन मिला है, जिससे यह आंदोलन राज्यव्यापी रूप लेने की दिशा में बढ़ता नजर आ रहा है।
कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला, तो यह आंदोलन और भी तेज़ किया जाएगा।
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