
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। पार्टी ने यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो के सामने आने के बाद की है, जिन्हें उसने पार्टी के मूल्यों और आंदोलन की भावना के विपरीत बताया है।
सीजेपी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं पर कथित पुलिस बल प्रयोग के दौरान विजेता दहिया का व्यवहार असंवेदनशील पाया गया। पार्टी के अनुसार, ऐसे समय में उनका आचरण संगठन के सिद्धांतों और आंदोलन की भावना के अनुरूप नहीं था।
बयान में कहा गया, “हम अपने प्रवक्ता विजेता दहिया की अत्यंत असंवेदनशील हरकतों की कड़ी निंदा करते हैं। जब हमारे प्रदर्शनकारी और टीम पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे थे, उस दौरान उनका व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य था। यह गंभीर निर्णयहीनता को दर्शाता है और हमारे आंदोलन के मूल सिद्धांतों के विपरीत है।”
पार्टी ने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विजेता दहिया को तत्काल प्रभाव से प्रवक्ता पद से हटाने के साथ-साथ उनकी सभी आधिकारिक जिम्मेदारियां भी समाप्त कर दी गई हैं।
बर्गर खाते हुए वीडियो हुआ वायरल
गौरतलब है कि 20 जुलाई को बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च कर रहे थे। इस दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने की भी खबरें सामने आईं। इसी बीच सोशल मीडिया पर विजेता दहिया का बर्गर खाते हुए एक वीडियो वायरल हो गया, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। दावा किया गया कि प्रदर्शन के दौरान वह आंदोलन स्थल पर मौजूद नहीं थे।
विजेता दहिया ने दी सफाई
विवाद बढ़ने पर विजेता दहिया ने कहा कि वह प्रदर्शन समाप्त होने के बाद घर गए थे और भूख लगने पर बर्गर खाया था। उन्होंने कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। दहिया का कहना है कि इस मुद्दे को आंदोलन में शामिल लोग नहीं, बल्कि वे लोग उछाल रहे हैं जो इस मार्च का हिस्सा ही नहीं थे।
सीजेपी ने आंदोलन जारी रखने का किया ऐलान
सीजेपी ने अपने बयान में कहा कि 21 जुलाई को भी जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद हैं। पार्टी ने कहा कि वह मौके पर प्रदर्शनकारियों को कानूनी और चिकित्सीय सहायता उपलब्ध करा रही है तथा अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेगी। पार्टी ने दोहराया कि उसका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा और उसने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।





