
लखनऊ में समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पर शुक्रवार को कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के दो कार्यकाल बिना किसी बड़ी उपलब्धि के समाप्ति की ओर हैं और इस दौरान भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश में किसानों की फसलों की लूट हो रही है, नौजवानों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और महिलाएं उपेक्षा व अपमान का शिकार हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है।
सपा प्रमुख ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। उनके अनुसार करीब 70 हजार स्कूल बंद कर दिए गए हैं और हजारों स्कूलों में प्रवेश शून्य हो चुका है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को न दवा मिल रही है और न ही उचित इलाज, जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अखिलेश यादव ने भाजपा को “चालाक और अहंकारी पार्टी” बताते हुए आरोप लगाया कि वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा समर्थित लोग गरीबों और सरकारी जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं तथा भूमाफियाओं को संरक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव प्रदेश की जनता के भविष्य का चुनाव होगा और भाजपा को पिछले दो दशकों का हिसाब देना पड़ेगा। सपा प्रमुख ने दावा किया कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार से नाराज है और आगामी चुनाव में भाजपा का सफाया तय है।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा समाजवादी पार्टी को बदनाम करने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाएगी, लेकिन इस बार उसकी कोई रणनीति सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि पूरा पीडीए समाज समाजवादी पार्टी के साथ खड़ा है और जनता भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए तैयार है।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी विकास और सामाजिक न्याय की राजनीति करती है तथा सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। उन्होंने भाजपा पर आरक्षण व्यवस्था को कमजोर करने और पीडीए समाज के अधिकारों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया।




