
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी। प्रयागराज उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक मकान के अंदर जमीन खोदकर ड्रमों में छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में नकदी मिलने का मामला सामने आने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। बुधवार शाम पुलिस ने सूचना के आधार पर मकान की चारों तरफ से घेराबंदी कर छापेमारी की। इसके बाद जब जमीन की खोदाई कराई गई तो एक के बाद एक कई ड्रमों से नोटों की गड्डियां निकलने लगीं। जमीन के नीचे इस तरह छिपाकर रखी गई नकदी देखकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। बरामद रकम 60 करोड़ रुपये से अधिक होने की चर्चा है, हालांकि पुलिस ने अभी तक कुल धनराशि की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
जानकारी के मुताबिक, यह मामला प्रयागराज के बरईपुर रामनगर क्षेत्र का बताया जा रहा है। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक मकान के अंदर जमीन के नीचे ड्रमों में बड़ी मात्रा में रुपये छिपाकर रखे गए हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर टीम ने बुधवार शाम संबंधित मकान पर दबिश दी। पुलिस ने पूरे मकान को घेर लिया और संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। इसके बाद उसकी निशानदेही पर जमीन की खोदाई कराई गई। खोदाई के दौरान कई ड्रम बरामद हुए, जिनमें नोटों की गड्डियां भरी हुई थीं।
ड्रमों से निकलती गईं नोटों की गड्डियां, गिनती के लिए बुलाई गई टीम
जमीन के नीचे से बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद पुलिस ने नोटों की गिनती और उनकी जांच की प्रक्रिया शुरू कराई। नकदी की मात्रा अधिक होने के कारण संबंधित विभाग की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। देर रात तक नोटों की गिनती जारी रही। शुरुआती जानकारी में कई करोड़ रुपये की गिनती होने की बात सामने आई, जबकि शेष नकदी की गिनती और सत्यापन किया जाना बाकी था। अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया संपन्न होने के बाद ही बरामद रकम की सही जानकारी सामने आ सकेगी।
मामले की जानकारी मिलने पर वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस टीम से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। फिलहाल नकदी की गिनती के साथ-साथ उसके स्रोत और उसे जमीन के नीचे छिपाकर रखने के कारणों की पड़ताल की जा रही है।
पुणे में काम करने वाले व्यक्ति से जुड़ा मामला, नोटबंदी के समय की भी चर्चा
सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिया गया व्यक्ति कुछ वर्ष पहले पुणे में एक फर्म में काम करता था। चर्चा है कि नोटबंदी के दौरान वह कथित तौर पर बोरियों में रखी नकदी लेकर वहां से चला आया था। इसके बाद गांव लौटकर उसने कई बीघा जमीन खरीदी और कथित रूप से रुपये ड्रमों में भरकर मकान के अंदर जमीन में दबा दिए।
हालांकि, इस कहानी की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच में यह पता लगाया जाना महत्वपूर्ण होगा कि बरामद नकदी वास्तव में कहां से आई, उसका मालिक कौन है और क्या उसके संबंध में कोई वैध दस्तावेज मौजूद हैं। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
पट्टीदार से विवाद के बाद पुलिस तक पहुंची जमीन में नकदी छिपाने की जानकारी
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले संबंधित व्यक्ति का अपने पड़ोसी पट्टीदार के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद के दौरान मकान के अंदर जमीन में बड़ी मात्रा में नकदी छिपाकर रखे जाने की जानकारी पुलिस तक पहुंची। इसके बाद पुलिस ने सूचना की जांच की और बुधवार शाम कार्रवाई करते हुए मकान में छापेमारी की।
इस घटनाक्रम के बाद अब पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि जमीन के नीचे नकदी कब से रखी गई थी और क्या इस रकम के संबंध में पहले भी किसी को जानकारी थी। साथ ही, व्यक्ति द्वारा खरीदी गई जमीन और उसकी संपत्ति के स्रोत की जांच भी मामले में महत्वपूर्ण हो सकती है।
नकदी मिलने की खबर फैलते ही मौके पर जुटे लोग
पुलिस की घेराबंदी और मकान में चल रही खोदाई को देखकर शुरुआत में आसपास के लोगों में उत्सुकता और अफरातफरी का माहौल बन गया। कुछ ही देर में जमीन के नीचे से नोटों के ड्रम मिलने की खबर फैल गई। इसके बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। इलाके में इस बरामदगी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए व्यक्ति से पूछताछ कर रही है और बरामद नकदी की गिनती तथा सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई और उसे जमीन के नीचे ड्रमों में छिपाकर रखने के पीछे क्या वजह थी।
अब जांच और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
प्रयागराज में सामने आए इस मामले ने स्थानीय स्तर पर लोगों का ध्यान खींचा है। हालांकि, 60 करोड़ रुपये से अधिक की रकम मिलने की चर्चा के बीच पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और जांच के निष्कर्षों का इंतजार है। नकदी की वास्तविक मात्रा, उसके स्रोत और संबंधित व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर सामने आ सकेगी।





