
-आपात स्थिति में टोल-फ्री नंबर 1077 और 262100 पर करें संपर्क, राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रशासन ने तेज की तैयारियां
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी। चंदौली, 29 अक्टूबर। बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे चक्रवाती मौसम तंत्र और उसके संभावित प्रभाव को देखते हुए चंदौली जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कलेक्ट्रेट स्थित जिला आपदा प्रबंधन कक्ष में 24 घंटे सक्रिय रहने वाला आपदा कंट्रोल रूम संचालित किया जा रहा है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने संबंधित अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से दुरुस्त रखने के कड़े निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती मौसम तंत्र के संभावित असर को देखते हुए जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। मौसम में अचानक बदलाव, तेज हवाओं, संभावित जलभराव और अन्य आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य किसी भी आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाना और जन-धन की क्षति को कम करना है।
24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम, कर्मचारियों की लगाई गई ड्यूटी
आपदा की स्थिति में लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने, सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित करने और राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए कंट्रोल रूम में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पालीवार ड्यूटी लगाई गई है। इसके माध्यम से जिले के विभिन्न क्षेत्रों से मिलने वाली शिकायतों और आपात सूचनाओं पर नजर रखी जाएगी, ताकि जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
1077 और 262100 नंबर पर मिलेगी सहायता
जिला प्रशासन ने जनपदवासियों की सुविधा के लिए आपातकालीन संपर्क नंबर 1077 और 262100 जारी किए हैं। चक्रवाती मौसम के दौरान यदि किसी क्षेत्र में जलभराव, दुर्घटना या अन्य किसी प्रकार की आपात स्थिति उत्पन्न होती है अथवा राहत एवं बचाव कार्य से संबंधित सहायता की आवश्यकता पड़ती है, तो नागरिक इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन के अनुसार, कंट्रोल रूम को प्राप्त होने वाली सूचनाओं के आधार पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।
सिंचाई, बिजली, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग को सतर्क रहने के निर्देश
जिलाधिकारी ने सिंचाई, विद्युत, स्वास्थ्य, पुलिस और स्थानीय निकायों सहित सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने मुख्यालयों पर सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि वे आवश्यक संसाधनों, राहत सामग्री और आपातकालीन व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें। साथ ही किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति में आपसी समन्वय के साथ तेजी से कार्रवाई करने के लिए तैयार रहें।
स्थानीय निकायों को जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों पर नजर रखने तथा संबंधित व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग को जरूरत पड़ने पर त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने और पुलिस विभाग को आपात परिस्थितियों में सुरक्षा एवं राहत कार्यों में सहयोग देने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
अफवाहों से बचें, प्रशासन की अपील पर करें भरोसा
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि चक्रवाती मौसम के दौरान सतर्कता बरतें, अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचें और मौसम से संबंधित आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट खबरों और अफवाहों को साझा न करें। किसी भी तरह की आपात स्थिति दिखाई देने पर तत्काल जिला आपदा कंट्रोल रूम को सूचना दें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चक्रवाती मौसम के संभावित प्रभाव को देखते हुए सभी संबंधित व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है।




