
अयोध्या : Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra की मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक रविवार को संपन्न हो गई। बैठक के बाद निर्माण समिति के अध्यक्ष Nripendra Mishra ने मंदिर निर्माण और संग्रहालय परियोजनाओं से जुड़ी कई अहम जानकारियां साझा कीं।
संरक्षण प्रयोगशाला का उद्घाटन
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि मंदिर परिसर में एक विशेष संरक्षण एवं परिरक्षण प्रयोगशाला का उद्घाटन किया गया है। इस प्रयोगशाला का उद्देश्य प्रदर्शन के लिए रखी गई कलाकृतियों, वस्त्र चित्रों, मूर्तियों और खुदाई के दौरान मिले प्राचीन पत्थरों का संरक्षण और जीर्णोद्धार करना है।
उन्होंने बताया कि यह प्रयोगशाला Indira Gandhi National Centre for the Arts के सहयोग से स्थापित की गई है, जिसका नेतृत्व Ram Bahadur Rai कर रहे हैं। संस्थान के दो विशेषज्ञ कर्मचारियों को यहां तैनात किया गया है, जो अगले तीन वर्षों तक मंदिर कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे।
30 मई तक पूरा होगा हनुमान गैलरी का काम
मिश्रा ने बताया कि ‘हनुमान जी गैलरी’ का निर्माण कार्य 30 मई तक पूरा कर लिया जाएगा। वहीं संग्रहालय को श्रद्धालुओं के लिए खोलने को लेकर Champat Rai के साथ चर्चा हुई, लेकिन फिलहाल मंदिर निर्माण कार्य प्रभावित न हो, इसलिए इसे दिसंबर के बाद ही आम भक्तों के लिए खोला जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि अगला ध्वजारोहण समारोह 29 मई को आयोजित किया जाएगा।
चार किलोमीटर लंबी चारदीवारी और 25 वॉच टावर बनेंगे
राम मंदिर परिसर की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए चार किलोमीटर लंबी चारदीवारी बनाई जाएगी। इसके साथ ही परिसर में 25 निगरानी बुर्ज यानी वॉच टावर भी स्थापित किए जाएंगे।
AI और 7D तकनीक से जीवंत होगा रामायण काल
मंदिर परिसर में बनने वाले नए संग्रहालय में आधुनिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा। भगवान राम के जीवन की गाथा को 7D तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा।
भगवान राम के बाल्यकाल, शिक्षा, वनवास और रामायण के युद्ध प्रसंगों को होलोग्राफिक तकनीक से जीवंत रूप में दिखाया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को वास्तविक अनुभव मिल सके।
‘हनुमान गैलरी’ में दिखेगा पराक्रम
‘संकट मोचन वीथिका’ के भीतर एक विशेष 7D ‘हनुमान गैलरी’ बनाई जा रही है। इसमें 20 मिनट की फिल्म के माध्यम से भगवान हनुमान के शौर्य और पराक्रम को आधुनिक 7D इफेक्ट्स के साथ प्रदर्शित किया जाएगा।
इस परियोजना की तकनीकी रूपरेखा और पटकथा लेखन में Indian Institute of Technology Madras के विशेषज्ञों के साथ फ्रांस की तकनीकी टीम सहयोग कर रही है।
संग्रहालय में होंगी 20 गैलरी
संग्रहालय में कुल 20 गैलरी बनाई जाएंगी, जिनमें भगवान राम के जीवन के प्रमुख प्रसंगों को दर्शाया जाएगा। इसके अलावा राम मंदिर स्थल की खुदाई में मिले 100 से अधिक प्राचीन पुरावशेष, मूर्तियां और 500 वर्षों पुराने राम मंदिर आंदोलन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी प्रदर्शित किए जाएंगे।





