
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
Varanasi: धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी के रेल यात्रियों के लिए शनिवार का दिन बड़ी सौगात लेकर आया। वाराणसी से नई दिल्ली के बीच उत्तर प्रदेश की पहली स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ बनारस रेलवे स्टेशन से किया गया। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरी झंडी दिखाकर इस आधुनिक ट्रेन को रवाना किया। हालांकि, उद्घाटन के दौरान ट्रेन अपने निर्धारित समय से करीब एक घंटा 15 मिनट की देरी से रवाना हुई। इस नई रेल सेवा के शुरू होने से काशी और दिल्ली के बीच रात्रिकालीन रेल यात्रा को नई सुविधा मिलने जा रही है।
देश की दूसरी स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस के रूप में शुरू हुई यह ट्रेन वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और दिल्ली के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए विशेष महत्व रखती है। अभी तक वाराणसी और दिल्ली के बीच संचालित वंदे भारत ट्रेनों में बैठकर यात्रा करने की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन अब स्लीपर वंदे भारत के माध्यम से यात्री रातभर आरामदायक सफर कर सकेंगे। इससे नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों, विद्यार्थियों, पर्यटकों और धार्मिक यात्रा पर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
रात में काशी से रवाना होकर सुबह पहुंचेंगे दिल्ली
रेलवे की ओर से निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार, स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस वाराणसी से रात 8:50 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 6:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। इस दौरान ट्रेन प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद रेलवे स्टेशनों पर ठहराव करेगी। वापसी में ट्रेन नई दिल्ली से रात 9:40 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 7:10 बजे वाराणसी पहुंचेगी। ट्रेन का संचालन सप्ताह में छह दिन प्रस्तावित है। इस समय-सारिणी से यात्रियों को दिन का समय बचाने के साथ रात में ही लंबी दूरी तय करने की सुविधा मिलेगी।
तीन श्रेणियों में मिलेगी आधुनिक स्लीपर सुविधा
नई स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों के लिए थर्ड एसी, सेकंड एसी और फर्स्ट एसी की व्यवस्था की गई है। जीएसटी सहित निर्धारित किराया क्रमशः 1,910 रुपये, 2,467 रुपये और 3,024 रुपये बताया गया है। कुल 16 कोच वाली इस आधुनिक ट्रेन में एक साथ 1,128 यात्री सफर कर सकेंगे। अलग-अलग श्रेणियों की सुविधा होने से यात्री अपनी जरूरत और बजट के अनुसार यात्रा का विकल्प चुन सकेंगे।
सुरक्षा और सुविधाओं से लैस है आधुनिक ट्रेन
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। इसमें सीसीटीवी कैमरे, स्वचालित दरवाजे, आधुनिक सुरक्षा प्रणाली और अग्नि चेतावनी व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा फर्स्ट एसी कोच में शावर की सुविधा भी दी गई है। आधुनिक स्लीपर व्यवस्था के साथ ट्रेन को लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
वाराणसी को दो नई मेमू ट्रेनों की भी मिली सौगात
स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस के शुभारंभ के साथ ही वाराणसी सिटी से राजातालाब के बीच दो नई मेमू ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। 12-12 कोच वाली इन ट्रेनों से शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के दैनिक रेल यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। इन ट्रेनों का ठहराव वाराणसी जंक्शन, बनारस, भुल्लनपुर और हरदत्तपुर रेलवे स्टेशनों पर निर्धारित किया गया है। इससे आसपास के क्षेत्रों से वाराणसी आने-जाने वाले यात्रियों को आवागमन का एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।
काशी के विकास और पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई स्लीपर वंदे भारत रेल सेवा को काशी के लिए ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि इससे श्रद्धालुओं, पर्यटकों, युवाओं और कारोबारियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इस नई रेल सेवा से काशी और दिल्ली के बीच संपर्क और मजबूत होने के साथ प्रयागराज जैसे प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्रों तक पहुंच भी सुविधाजनक होगी।
कुल मिलाकर, वाराणसी से नई दिल्ली के बीच स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत पूर्वांचल के रेल यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। दो नई मेमू ट्रेनों के संचालन से स्थानीय रेल कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। आधुनिक रेल सुविधाओं के विस्तार से काशी में धार्मिक पर्यटन, व्यापारिक गतिविधियों और क्षेत्रीय आवागमन को नई गति मिलने की संभावना है।




