
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी। शादी का झांसा देकर युवती से शारीरिक संबंध बनाने और बाद में लंका स्थित एक होटल में नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म करने के आरोप से जुड़े मामले में आरोपित को अदालत से राहत मिल गई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) के न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत ने मानिकपुर, दशाश्वमेध निवासी अविनाश झा की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली। अदालत ने एक लाख रुपये के जमानतदार और बंधपत्र प्रस्तुत करने पर आरोपित को रिहा करने का आदेश दिया है। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव ने जमानत अर्जी पर पैरवी की।
दो वर्ष पहले परिजनों ने तय की थी शादी
अभियोजन पक्ष के अनुसार, भेलूपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती ने आठ अक्टूबर 2026 को भेलूपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। युवती ने पुलिस को बताया था कि करीब दो वर्ष पहले उसके परिजनों ने उसकी शादी अविनाश झा के साथ तय की थी। शादी तय होने के बाद दोनों के बीच फोन पर बातचीत होने लगी और समय-समय पर मुलाकातें भी होने लगीं। इस दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं।
युवती का आरोप है कि इसी बीच अविनाश की मां उससे शादी की तैयारियों और दहेज के सामान की खरीदारी के नाम पर रुपये मांगने लगीं। उनके कहने पर युवती ने किश्तों में करीब एक लाख रुपये दिए थे। आरोप है कि शादी तय होने और दोनों परिवारों के बीच संबंध स्थापित होने के कारण युवती उनकी मांगों पर भरोसा करती रही।
शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप
प्राथमिकी में युवती ने आरोप लगाया कि एक दिन अविनाश की मां ने उसे अपने घर बुलाया था। वहां अविनाश भी मौजूद था। युवती के मुताबिक, अविनाश उसे अपने कमरे में ले गया और शादी करने का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद दोनों के बीच मुलाकातों का सिलसिला जारी रहा।
युवती का कहना है कि जब उसने शादी की बात को आगे बढ़ाने और विवाह की तारीख तय करने के लिए कहा तो स्थिति बदलने लगी। आरोप है कि अविनाश और उसके माता-पिता की ओर से दहेज की मांग की जाने लगी। युवती ने जब रुपये देने में असमर्थता जताई तो कथित तौर पर पहले से शारीरिक संबंध होने की बात कहकर शादी से इनकार करने का दबाव बनाया गया। इस घटनाक्रम से परेशान होकर युवती ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की।
लंका के होटल में नशीला पदार्थ खिलाने का आरोप
युवती ने अपनी शिकायत में लंका क्षेत्र स्थित एक होटल में हुई कथित घटना का भी जिक्र किया है। उसके अनुसार, अविनाश ने उसे मिलने के लिए होटल बुलाया था। आरोप है कि एक अक्टूबर 2026 को होटल पहुंचने पर उसे खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया गया। युवती के मुताबिक, उस समय वहां अविनाश का दोस्त अनिकेत उर्फ गुलाबो भी मौजूद था।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि नशीला पदार्थ खाने के बाद युवती की हालत ऐसी हो गई कि वह सामान्य स्थिति में नहीं रही। इसी दौरान अविनाश ने उसके साथ दुष्कर्म किया। युवती का कहना है कि जब उसे होश आया तो वह घटना से परेशान हो गई और तीन अक्टूबर को अपने घर पहुंचकर परिजनों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, आरोपित को भेजा गया था जेल
परिजनों को जानकारी देने के बाद युवती ने पुलिस से शिकायत की। इसके आधार पर भेलूपुर थाने में आठ अक्टूबर 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपित अविनाश झा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद आरोपित की ओर से अदालत में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की गई, जिस पर बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव ने पैरवी की।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपित की जमानत अर्जी मंजूर कर ली। अदालत के आदेश के अनुसार, एक लाख रुपये के जमानतदार और आवश्यक बंधपत्र प्रस्तुत किए जाने पर आरोपित की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
न्यायिक सुनवाई में तय होंगे आरोपों के तथ्य
इस मामले में युवती की ओर से दहेज की मांग, शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और होटल में नशीला पदार्थ खिलाकर दुष्कर्म करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों और उनकी पुष्टि के बीच कानूनी अंतर है। जमानत मिलना आरोपों से दोषमुक्त होना नहीं है। मामले में आरोपों की सत्यता और संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया तथा साक्ष्यों के आधार पर होगा।





