
-एसपी आकाश पटेल के निर्देशन में जिलेभर में जागरूकता अभियान, एंटी रोमियो टीमों ने महिलाओं और बालिकाओं को बताए अधिकार, कानून और हेल्पलाइन
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी। चंदौली महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चंदौली पुलिस द्वारा मिशन शक्ति फेज 6.0 के तहत जनपदभर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन में जिले के सभी थानों की पुलिस टीमों द्वारा बाजारों, कस्बों, ग्रामीण क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। अभियान के माध्यम से महिलाओं को जागरूक बनाने के साथ ही उन्हें अपनी समस्याओं के प्रति खुलकर आवाज उठाने और जरूरत पड़ने पर पुलिस की सहायता लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंच रहीं एंटी रोमियो टीमें
मिशन शक्ति अभियान के तहत जनपद के सभी थानों की एंटी रोमियो टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय होकर महिलाओं और बालिकाओं से संवाद कर रही हैं। टीमों द्वारा सार्वजनिक स्थानों, बाजारों, कस्बों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में पहुंचकर महिला सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी जा रही है।
पुलिसकर्मी महिलाओं एवं बालिकाओं को समझा रहे हैं कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ या अन्य परेशानी की स्थिति में चुप रहने के बजाय संबंधित अधिकारियों और हेल्पलाइन की मदद लें। पुलिस का उद्देश्य महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना और उनमें कानून के प्रति विश्वास बढ़ाना है।
सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान महिलाओं को उनके कल्याण और सशक्तिकरण के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। इनमें मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, पति की मृत्यु के बाद निराश्रित महिलाओं के लिए संचालित योजना, महिला शरणालय, शक्ति सदन और सखी निवास जैसी योजनाएं शामिल हैं।
पुलिस टीमों द्वारा महिलाओं को इन योजनाओं के उद्देश्य और उनसे मिलने वाली सहायता के बारे में जानकारी देकर जरूरतमंद महिलाओं को उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
महिला अधिकारों और कानूनी प्रावधानों पर जोर
अभियान के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके संरक्षण के लिए बनाए गए प्रमुख कानूनों की जानकारी भी दी जा रही है। इनमें घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005, कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न निवारण अधिनियम, 2013, दहेज निषेध अधिनियम, 1961 तथा गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान तकनीक अधिनियम, 1994 के प्रमुख प्रावधान शामिल हैं।
पुलिस टीमों द्वारा बताया जा रहा है कि इन कानूनों का उद्देश्य महिलाओं को उत्पीड़न, भेदभाव और हिंसा से सुरक्षा प्रदान करना तथा उन्हें सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना है। जागरूकता के माध्यम से महिलाओं को अपने कानूनी अधिकारों को समझने और आवश्यकता पड़ने पर उचित सहायता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
साइबर अपराध से बचाव के लिए भी किया जाएगा जागरूक
मिशन शक्ति फेज 6.0 के आगामी चरण में साइबर सुरक्षा जागरूकता पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। महिलाओं एवं बालिकाओं को सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल करने, अपनी निजी जानकारी गोपनीय रखने, संदिग्ध लिंक से बचने और ऑनलाइन धोखाधड़ी की पहचान करने के बारे में जागरूक किया जाएगा।
पुलिस द्वारा उन्हें साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी देने के साथ ही किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की स्थिति में सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को डिजिटल दुनिया में भी सुरक्षित एवं आत्मविश्वास से भरपूर बनाना है।
मिशन शक्ति केंद्र की कार्यप्रणाली से कराया परिचित
जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान संबंधित थानों में स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों के कार्य, उद्देश्यों और वहां उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। इन केंद्रों के माध्यम से महिलाओं को सुरक्षा, सहायता और महिला संबंधी समस्याओं के निस्तारण की प्रक्रिया से परिचित कराया जा रहा है।
चंदौली पुलिस का उद्देश्य मिशन शक्ति फेज 6.0 के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं को जागरूक, आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाना है। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन में संचालित यह अभियान महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज में महिलाओं के सम्मान एवं सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।




