
- रिपोर्ट: प्राची सिंह
ब्रेस्ट कैंसर को आमतौर पर महिलाओं से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन पुरुषों को भी ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है। पुरुषों में यह बीमारी महिलाओं की तुलना में काफी कम होती है, इसलिए कई बार इसके शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। छाती या निप्पल के आसपास गांठ, निप्पल का अंदर की ओर धंसना, असामान्य डिस्चार्ज या त्वचा में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दें तो चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के क्या लक्षण हैं?
ब्रेस्ट या निप्पल के पास गांठ
पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर का एक संभावित संकेत छाती या निप्पल के आसपास गांठ महसूस होना हो सकता है। कई बार लोग इसे सामान्य सूजन, चोट या किसी अन्य कारण से हुई गांठ समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन नई या लगातार बनी रहने वाली गांठ की डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।
निप्पल का अंदर की ओर धंसना
निप्पल के आकार में अचानक बदलाव, उसका अंदर की ओर खिंचना या धंसना भी ऐसा संकेत हो सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर अगर इसके साथ गांठ या त्वचा में कोई अन्य बदलाव भी दिखाई दे रहा हो।
निप्पल से असामान्य डिस्चार्ज
निप्पल से बिना किसी स्पष्ट कारण के तरल पदार्थ निकलना, खासकर खून जैसा डिस्चार्ज होना, चिकित्सकीय जांच की वजह हो सकता है। ऐसे लक्षणों को सामान्य मानकर लंबे समय तक इंतजार नहीं करना चाहिए।
छाती या अंडरआर्म में सूजन
छाती की त्वचा में बदलाव, लगातार सूजन या अंडरआर्म के पास गांठ अथवा लिम्फ नोड्स में सूजन भी कई कारणों से हो सकती है। ऐसे किसी बदलाव के बने रहने पर डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज
अगर पुरुष की छाती या निप्पल के आसपास नई गांठ, त्वचा या निप्पल में बदलाव, असामान्य डिस्चार्ज अथवा अंडरआर्म में लगातार सूजन महसूस हो रही है तो खुद से इसका कारण तय करने के बजाय डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
जरूरत पड़ने पर डॉक्टर शारीरिक जांच के बाद मैमोग्राफी, अल्ट्रासाउंड या अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं। यदि किसी जांच में कैंसर की आशंका सामने आती है तो आगे की पुष्टि के लिए बायोप्सी जैसी जांच की जा सकती है। इलाज बीमारी के प्रकार और स्टेज के आधार पर तय होता है।
बचाव के लिए किन बातों का रखें ध्यान?
हर तरह के ब्रेस्ट कैंसर को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है, लेकिन स्वस्थ जीवनशैली अपनाने से कुछ कैंसर जोखिमों को कम करने में मदद मिल सकती है। धूम्रपान और तंबाकू से दूरी बनाए रखना, शराब का सेवन सीमित करना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना, संतुलित आहार लेना और जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य जांच कराना उपयोगी हो सकता है।
सबसे जरूरी बात यह है कि शरीर में होने वाले किसी नए या असामान्य बदलाव को लंबे समय तक नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और सही चिकित्सकीय सलाह से बीमारी की पहचान और उपचार की दिशा तय की जा सकती है।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी सामान्य चिकित्सकीय जानकारी पर आधारित है और किसी व्यक्ति के लिए निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। छाती या निप्पल में गांठ, दर्द, डिस्चार्ज या अन्य असामान्य बदलाव होने पर योग्य डॉक्टर से जांच और सलाह लें।



