
- रिपोर्ट: प्राची सिंह
New Delhi. दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे की FIR में निर्माण को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल उर्फ गुप्ता और उनके भाई ने कथित तौर पर किराए से अधिक कमाई के उद्देश्य से कई साल पुरानी इमारत के ऊपर चार अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण कराया था। पुलिस का आरोप है कि मालिकों को जानकारी थी कि पुरानी इमारत की नींव अतिरिक्त भार सहने की स्थिति में नहीं थी, इसके बावजूद निर्माण कराया गया।
पुलिस के अनुसार, अतिरिक्त मंजिलों के निर्माण से इमारत की मजबूती और भार वहन क्षमता पर दबाव बढ़ गया था। इसी वजह से इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद रविवार से सोमवार शाम तक मलबे से 12 लोगों को बाहर निकाला गया, जिनमें सात की मौत हो गई।
हादसे में सात लोगों की मौत
हादसे में जान गंवाने वालों में पांच छात्र शामिल हैं। मृतकों की पहचान अभिषेक (20), युवराज सोनी (20), पवन (17), अर्पित जाजज (19) और अक्षत सिंह यादव (18) के रूप में हुई है। इसके अलावा 75 वर्षीय मजदूर सुरिंदर सिंह की भी मौत हुई है। सातवें मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है।
राहत एवं बचाव अभियान के दौरान रविवार को पांच शव और पांच घायलों को मलबे से बाहर निकाला गया था। सोमवार को अभियान के दौरान दो और शव बरामद किए गए।
AIIMS और सफदरजंग में घायलों का इलाज
हादसे में घायल असगर अली (30), नीरज बावन (19), आदित्य कुमार (19), नितिश चिब (19) और मोहम्मद अयान (18) का इलाज AIIMS ट्रॉमा सेंटर और सफदरजंग अस्पताल में चल रहा है। पुलिस के मुताबिक इनमें तीन घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
इमारत में चल रहा था PG और हॉस्टल
FIR में स्थानीय जांच का हवाला देते हुए बताया गया है कि इमारत में ‘HostelDaze’ नाम से PG और हॉस्टल संचालित किया जा रहा था। ग्राउंड फ्लोर के अलावा बिल्डिंग में चार ऊपरी मंजिलें थीं, जहां बड़ी संख्या में छात्र और अन्य लोग रह रहे थे।
इमारत के अचानक ढहने के बाद कई लोग मलबे में दब गए। इसके बाद पुलिस, राहत और बचाव दल ने लगातार अभियान चलाकर लोगों को बाहर निकाला।
अतिरिक्त भार के बावजूद निर्माण कराने का आरोप
FIR के मुताबिक पुलिस का आरोप है कि बिल्डिंग मालिक को इस बात का अंदाजा था कि अतिरिक्त मंजिलों के कारण इमारत पर जरूरत से ज्यादा भार पड़ रहा है और इससे हादसा हो सकता है। इसके बावजूद ऊपरी मंजिलों का निर्माण कराया गया।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं और इमारत की संरचनात्मक मजबूती की जांच कराई गई थी या नहीं।
BNS की इन धाराओं में FIR दर्ज
मामले में रविवार रात दक्षिण कैंपस थाने में ASI प्रफुल टोप्पो की शिकायत पर FIR नंबर 153/2026 दर्ज की गई। पुलिस ने BNS की धारा 105, 290 और 125(a) के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी और बेटे को गिरफ्तार किया है। हरिराम के भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त सार्जेंट होने की जानकारी भी सामने आई है।
हालांकि FIR के आरोपी या संदिग्धों वाले कॉलम में किसी व्यक्ति का नाम दर्ज नहीं किया गया है। दस्तावेज में बिल्डिंग के मालिक के तौर पर हरिराम और उनके भाई का उल्लेख है, लेकिन भाई का नाम नहीं बताया गया है।
निर्माण की अनुमति और सुरक्षा जांच पर उठे सवाल
मामले की जांच दक्षिण कैंपस थाने के इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार कर रहे हैं। हादसे के बाद अब जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि पुरानी इमारत की नींव अतिरिक्त भार सहने की स्थिति में नहीं थी तो उस पर चार अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण कैसे हुआ।
इसके साथ ही पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इतने बड़े निर्माण की अनुमति किस स्तर पर दी गई थी और निर्माण के दौरान संबंधित अधिकारियों ने इमारत की सुरक्षा एवं संरचनात्मक मजबूती की जांच की थी या नहीं।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और FIR में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।




