
-7.64 किलोमीटर रेलपथ का निर्माण पूरा, 3 सितंबर को परखी जाएगी नई पटरी की क्षमता और संरक्षा
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
Varanasi: पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में रेल सुविधाओं के विस्तार और आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पूरा हो गया है। गोरखपुर कैंट–पनियहवा रेलखंड के गोरखपुर कैंट–उनौला स्टेशनों के बीच 7.64 किलोमीटर लंबे रेलपथ का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब इस नए रेलपथ की संरक्षा और क्षमता को परखने के लिए 3 सितंबर को रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा निरीक्षण एवं स्पीड ट्रायल किया जाएगा।
रेल प्रशासन के अनुसार रेल संरक्षा आयुक्त, पूर्वोत्तर परिमंडल, लखनऊ श्री ई. श्रीनिवास 3 सितंबर 2026 को गोरखपुर कैंट–उनौला रेलखंड का विस्तृत निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद नवनिर्मित रेलपथ पर स्पीड ट्रायल भी किया जाएगा। इसके जरिए रेलपथ की तकनीकी मजबूती, संरक्षा मानकों और तेज गति से रेल परिचालन के लिए उसकी तैयारियों को परखा जाएगा।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण श्री अनुज मित्तल, मंडल रेल प्रबंधक वाराणसी श्री आशीष जैन समेत पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय और वाराणसी मंडल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।
रेलपथ के आसपास न जाएं, पशुओं को भी रखें दूर
निरीक्षण और स्पीड ट्रायल को देखते हुए रेल प्रशासन ने आसपास के लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्पीड ट्रायल के दौरान रेलपथ पर तेज गति से ट्रेन का संचालन किया जा सकता है, इसलिए कोई भी व्यक्ति रेलपथ पर स्वयं न जाए और न ही अपने पशुओं को रेलपथ की ओर जाने दे।
रेल प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि नई रेल लाइन की रफ्तार और विकास की इस प्रक्रिया में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। थोड़ी-सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
गोरखपुर कैंट–उनौला रेलखंड पर 7.64 किलोमीटर रेलपथ का पूरा होना पूर्वोत्तर रेलवे के लिए आधारभूत संरचना के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। अब संरक्षा आयुक्त के निरीक्षण और स्पीड ट्रायल के बाद इस रेलखंड पर आगे के परिचालन संबंधी निर्णय की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।





