
- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा
वाराणसी। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल ने अपनी शानदार सांस्कृतिक प्रतिभा का परिचय देते हुए क्षेत्रीय रेलवे हिंदी नाटक प्रतियोगिता-2026 में प्रथम पुरस्कार हासिल कर मंडल का गौरव बढ़ाया। राजभाषा विभाग के तत्वावधान में सोमवार को रेलवे प्रेक्षागृह, गोरखपुर में आयोजित प्रतियोगिता में वाराणसी मंडल की नाट्य टीम ने मुंशी प्रेमचंद की कालजयी कहानी ‘शतरंज के खिलाड़ी’ का प्रभावशाली मंचन कर निर्णायक मंडल और दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी।
इस शानदार उपलब्धि पर मंडल रेल प्रबंधक, वाराणसी आशीष जैन ने 12 अगस्त को नाट्य दल के सदस्यों से भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने पूरी टीम को प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने पर पुरस्कृत करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। डीआरएम ने टीम के सामूहिक प्रयास, उत्कृष्ट अभिनय और सांस्कृतिक प्रतिभा की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी तरह बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) अशोक वर्मा, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अभिनव कुमार सिंह तथा वरिष्ठ आंकड़ा संसाधन प्रबंधक आशुतोष पाण्डेय ने भी नाट्य दल के सदस्यों को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं दीं।
वाराणसी मंडल की प्रस्तुति ने सशक्त अभिनय, प्रभावशाली रंगभाषा और समकालीन संदर्भों के माध्यम से कहानी को मंच पर जीवंत कर दिया। नाटक में मनोरंजन के साथ सामाजिक चेतना, कर्तव्य-विमुखता, व्यक्तिगत स्वार्थ तथा बदलते सामाजिक-राजनीतिक परिवेश के प्रति व्यक्ति की जिम्मेदारी जैसे गंभीर विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
प्रतियोगिता में ख्यात कला-सेवी भरत भूषण एवं रंग और सिनेमा जगत के वरिष्ठ कलाकार प्रवीण निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे। निर्णायक मंडल ने वाराणसी मंडल की प्रस्तुति की सराहना करते हुए निर्देशन, अभिनय, संगीत, मंच-सज्जा और समग्र नाट्य प्रस्तुति को उत्कृष्ट बताया।
नाटक का निर्देशन अमन श्रीवास्तव ने किया। उनके निर्देशन में प्रेमचंद की मूल कहानी की संवेदना को बरकरार रखते हुए उसे प्रभावशाली मंचीय रूप और समकालीन संवेदना प्रदान की गई।
नाटक में विकास श्रीवास्तव, अमन श्रीवास्तव, रीना कुमारी, शिवानी सिंह, अर्पिता साहा, काजल राय, अर्चना कुमारी, अंकित कुमार एवं अनिकेत तिवारी ने विभिन्न भूमिकाओं का सशक्त निर्वहन किया।
प्रस्तुति को प्रभावी बनाने में विशाल मिश्रा एवं महुआ बनर्जी के संगीत, आशा शर्मा की रूप-सज्जा तथा विनोद मौर्य एवं सुरेन्द्र यादव की मंच-सज्जा का महत्वपूर्ण योगदान रहा। ध्वनि प्रभाव कुमार अनुपम ने तैयार किए, जबकि नाट्य दल के दल प्रबंधक की जिम्मेदारी अजय कुमार सिंह ने निभाई।
वाराणसी मंडल की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया कि रेलवे के कर्मचारी केवल परिचालन और यात्री सेवाओं में ही नहीं, बल्कि कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।




