
- रिपोर्ट: अजय सोनकर
Prayagraj: माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद (21) की गुरुवार (6 अगस्त) सुबह सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। वह प्रयागराज से झांसी जेल में बंद बड़े भाई अली से मिलने जा रहा था।क्रेटा कार में अबान के साथ चार दोस्त थे। झांसी से करीब 70 किलोमीटर पहले पूंछ थाना इलाके में तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सभी पांच लोग अंदर फंस गए।
पुलिस और राहगीरों ने दरवाजा तोड़कर सभी को निकाला। आगे की सीट पर बैठे अबान और उसके दोस्त सोनू की मौके पर मौत हो गई। बाकी तीन बचे उमर अहमद, मोहम्मद जैद और असलम घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाए गए। एक घायल दोस्त ने बताया कि हाईवे पर ईंट होने से कार बेकाबू हुई। पुलिस का कहना है कि स्पीड तेज थी और अचानक आए जानवर को बचाने की कोशिश में डिवाइडर से टक्कर हुई। अब सवाल उठ रहा है कि फरार चल रही मां शाइस्ता परवीन बेटे की अंतिम विदाई के लिए पहुंचेंगी या नहीं। पहले भी पति अतीक और बेटे असद के जनाजे में शाइस्ता के भेष बदलकर पहुंचने के कई दावे हुए थे। क्या इसबार भी शाइस्ता वही रूप लेगी?
शाइस्ता परवीन कौन है?
शाइस्ता परवीन अतीक अहमद की पत्नी हैं। उसका जन्म प्रयागराज के दामूपुर गांव में एक साधारण पुलिस परिवार में हुआ। पिता मोहम्मद हारून रिटायर्ड पुलिस कांस्टेबल थे। चार बहनों और दो भाइयों में वे सबसे बड़ी शाइस्ता परवीन है। एक भाई मदरसे का प्रिंसिपल है। शाइस्ता ने किदवई गर्ल्स इंटर कॉलेज से पढ़ाई की और ग्रेजुएशन पूरा किया। 8वीं पास अतीक अहमद से शाइस्ता ज्यादा पढ़ी-लिखी हैं। 1996 में शादी के बाद उनके पांच बच्चे हुए। शुरू में वे घर के कामकाज तक सीमित रहीं और सार्वजनिक जीवन से दूर थीं।बाद में राजनीति में कदम रखा। 2021 में असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम में शामिल हुईं। जनवरी में बसपा में गईं और प्रयागराज मेयर चुनाव का टिकट पाने की उम्मीद थी। लेकिन उमेश पाल हत्याकांड में नाम आने के बाद पार्टी ने दूरी बना ली। मायावती ने साफ कहा कि शाइस्ता को टिकट नहीं मिलेगा।
काट रही 3 साल से फरारी
शाइस्ता परवीन उमेश पाल मर्डर केस में आरोपी है। 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में उमेश पाल और उनके दो पुलिस गार्ड की हत्या हो गई थी। उमेश पाल 2005 के राजू पाल मर्डर केस के मुख्य गवाह थे। पुलिस के अनुसार, शाइस्ता ने हत्या के बाद बेटे असद और शूटर को भागने के लिए कहा था। उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया और बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। अब शाइस्ता परवीन उत्तर प्रदेश के मोस्ट वांटेड में शामिल हो चुकी है। अतीक अहमद पर 100 से ज्यादा मामले दर्ज थे। परिवार के अन्य सदस्य भी कानूनी उलझनों में हैं। बड़ा बेटा उमर लखनऊ जेल में बंद है। दूसरा बेटा अली झांसी जेल में है।
अतीक अहमद के छोटे बेटे की कैसे हुई मौत? कौन था अबान? मौत के बाद फिर चर्चा में माफिया परिवार
शाइस्ता परवीन लंबे समय से फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। समय-समय पर उनके उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल या अन्य राज्यों में छिपे होने की अटकलें सामने आईं, लेकिन इनमें से किसी भी स्थान की आधिकारिक पुष्टि पुलिस ने नहीं की है।
पति अतीक-बेटे असद की मौत पर नहीं पहुंची थी शाइस्ता
13 अप्रैल 2023 को एसटीएफ एनकाउंटर में असद अहमद की मौत हो गई। 15 अप्रैल को कसारी-मसारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक की रस्में हुईं। पुलिस को इनपुट मिला था कि शाइस्ता पहुंच सकती हैं, इसलिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार वे जनाजे में मौजूद नहीं थीं। परिवार के सीमित सदस्य ही पहुंचे।
उसी दिन रात पुलिस अभिरक्षा में अतीक अहमद और भाई अशरफ की हत्या हो गई। अगले दिन दोनों को दफनाया गया। तब भी अटकलें थीं कि शाइस्ता आ सकती हैं या आत्मसमर्पण कर सकती हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर वे नहीं पहुंचीं।
करीब तीन सप्ताह बाद कुछ मीडिया रिपोर्टों में पुलिस पूछताछ के आधार पर दावा किया गया कि शाइस्ता प्रयागराज के चकिया तक पहुंची थीं, भेष बदलकर रुकी थीं और जनाजे में शामिल होने की योजना थी, लेकिन सुरक्षा देखकर पीछे हट गईं।
छोटे अबान को अंतिम रुखसती देने पहुंचेगी फरार मां?
अबान, अतीक का सबसे छोटा बेटा था। वह झांसी जेल में भाई से मिलने जा रहा था। हादसे में दो मौतें और तीन घायल हुए। शव पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। शाइस्ता लंबे समय से फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश जारी रखे हुए है। इस बार भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहने की संभावना है। क्या वे बेटे को अंतिम रुखसती देने आएंगी या फिर से दूर रहेंगी, यह साफ नहीं है।




