
- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा
वाराणसी आईसीएआर-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर), वाराणसी में 27 से 31 जुलाई 2026 तक आयोजित पांच दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी-01) “मशरूम एवं मधुमक्खी पालन: उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन” का सफलतापूर्वक समापन हो गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं, किसानों एवं उद्यमियों को वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से स्वरोजगार और कृषि आधारित उद्यमों के लिए तैयार करना था।
समापन समारोह में प्रशिक्षण समन्वयक एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सुदर्शन मौर्य ने प्रशिक्षण प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्रतिभागियों को मशरूम एवं मधुमक्खी पालन से जुड़े आधुनिक उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन की तकनीकों की जानकारी विषय विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी व्याख्यान, व्यावहारिक प्रशिक्षण, हैंड्स-ऑन अभ्यास तथा एक्सपोज़र विजिट के माध्यम से दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईसीएआर-आईआईवीआर के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि मशरूम उत्पादन आज के समय में एक लाभकारी और रोजगारपरक उद्यम बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवसाय की सफलता सुनियोजित योजना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। उन्होंने प्रतिभागियों को आश्वस्त किया कि संस्थान भविष्य में भी उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन और परामर्श उपलब्ध कराता रहेगा। साथ ही विपणन की बेहतर समझ विकसित करने और अधिक से अधिक व्यावहारिक प्रशिक्षण पर जोर देने की सलाह दी।
ईडीपी समन्वयक डॉ. नीरज सिंह ने कार्यक्रम में सहयोग देने वाले सभी विषय विशेषज्ञों, प्रतिभागियों, आयोजन समिति और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।
समापन समारोह में डॉ. ए. एन. सिंह, डॉ. डी. पी. सिंह तथा डॉ. कुलदीप श्रीवास्तव की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन डॉ. ए. एन. त्रिपाठी, वरिष्ठ वैज्ञानिक, आईसीएआर-आईआईवीआर, वाराणसी ने किया।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रतिभागियों को वैज्ञानिक खेती, मूल्य संवर्धन और स्वरोजगार की दिशा में आत्मनिर्भर बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।





