
- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा
वाराणसी। मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ “बचपन बचाओ अभियान” के तहत मानव तस्करी की रोकथाम और भटके हुए बच्चों को उनके परिजनों से मिलाने का कार्य लगातार कर रही है। इसी अभियान के तहत रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट छपरा जंक्शन की सतर्कता से 10 वर्षीय नाबालिग निखिल कुमार पटेल को सकुशल उसके परिजनों से मिला दिया गया।
जानकारी के अनुसार, 27 जुलाई 2026 को रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट छपरा जंक्शन के ड्यूटी उप निरीक्षक विशाल पाली एवं सीआईबी आरपीएफ के आरक्षी दिलीप कुमार स्टेशन परिसर में नियमित गश्त और निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान यात्री प्रतीक्षालय में एक सहमा हुआ नाबालिग बालक अकेला बैठा मिला। पूछताछ में उसने अपना नाम निखिल कुमार पटेल, पिता मनीष कुमार, निवासी मेदनी माल, थाना नगर, जिला वैशाली (बिहार) तथा आयु लगभग 10 वर्ष बताई।
बालक ने बताया कि वह टेंपो से हाजीपुर रेलवे स्टेशन पहुंचा था और भूलवश एक ट्रेन में सवार हो गया। यात्रा के दौरान उसे नींद आ गई और जागने पर उसने स्वयं को छपरा जंक्शन पर अकेला पाया।
बालक द्वारा उपलब्ध कराए गए मोबाइल नंबर के आधार पर आरपीएफ ने तत्काल उसके परिजनों से संपर्क स्थापित किया। बातचीत में बाबूलाल पटेल ने स्वयं को बालक का दादा बताया। इसके बाद चाइल्ड हेल्पलाइन छपरा के केस वर्कर हर्षित राठौर को रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट बुलाया गया। निर्धारित प्रक्रिया, पहचान सत्यापन एवं आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बालक के दादा, माता किरण कुमारी एवं अन्य परिजन पोस्ट पहुंचे। चाइल्ड हेल्पलाइन की उपस्थिति में निखिल कुमार पटेल को उसकी माता के सुरक्षित सुपुर्द कर दिया गया।
इस मानवीय पहल और त्वरित कार्रवाई के लिए रेलवे सुरक्षा बल की सतर्कता एवं संवेदनशील कार्यशैली की सराहना की जा रही है।




