
- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा
वाराणसी। शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, अश्लील वीडियो बनाकर शोषण और जमीन के नाम पर ढाई लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) के न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपित को राहत प्रदान की।
अदालत ने सजोई, जंसा निवासी सुरेंद्र कुमार पटेल को एक लाख रुपये की एक जमानत एवं बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दिया। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव व नरेश यादव ने प्रभावी तरीके से पक्ष रखा।
मामला क्या था
अभियोजन के अनुसार पीड़िता ने जंसा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि आरोपित सुरेंद्र कुमार पटेल ने वर्ष 2006 से शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए और अश्लील वीडियो बना लिया। बाद में उसी वीडियो को दिखाकर पीड़िता का शोषण किया जाने लगा। विरोध करने पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पीड़िता का आरोप है कि वर्ष 2018 में आरोपित ने जमीन खरीदकर लाभ का 50% देने का वादा कर 2,50,000 रुपये लिए। बाद में 5 लाख का चेक दिया जो बाउंस हो गया। पीड़िता ने यह भी कहा कि 21 जून 2026 को आरोपित के क्लिनिक पर उसके साथ मारपीट हुई, जिससे पैर और आंख के पास चोटें आईं। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
बचाव पक्ष की दलील
बचाव पक्ष ने अदालत में कहा कि पीड़िता 35 वर्षीय महिला है और रिश्ते में आरोपित की माँ की मौसी की बहू है। पीड़िता ने खुद तहरीर में बताया है कि वह आरोपित के साथ पति-पत्नी के रूप में किराए के मकान में रहती थी। साथ ही मेडिकल रिपोर्ट में पीड़िता के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं पाए गए।
पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अदालत ने आरोपित को जमानत पर रिहा करने का निर्णय सुनाया।





