
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल ने दिव्यांग रेल कर्मचारियों के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए लहरतारा स्थित अधिकारी क्लब में “दिव्यांग कर्मचारी व्यावसायिक दक्षता विकास कार्यक्रम-2026” का आयोजन किया। कार्यक्रम में सात दिव्यांग कर्मचारियों को स्टाफ बेनिफिट फंड से खरीदी गई विद्युत चालित स्कूटियां प्रदान की गईं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने कहा कि भारतीय रेलवे सभी कर्मचारियों को समान अवसर देने के सिद्धांत पर कार्य करती है और दिव्यांग कर्मचारी संगठन की महत्वपूर्ण शक्ति हैं। उन्होंने बताया कि वाराणसी मंडल में वर्तमान में 133 दिव्यांग कर्मचारी कार्यरत हैं, जो अपनी मेहनत और समर्पण से रेलवे की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
मंडल महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा वाणी जैन ने दिव्यांग कर्मचारियों के जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने यह साबित किया है कि सफलता के लिए शारीरिक क्षमता से अधिक मनोबल और संकल्प की आवश्यकता होती है। इस अवसर पर संगठन की ओर से सभी दिव्यांग कर्मचारियों को पानी की बोतलें भी भेंट की गईं।कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के पूर्व सलाहकार सदस्य डॉक्टर उत्तम ओझा ने दिव्यांग अधिकारों और समान अवसरों पर प्रकाश डाला, जबकि मंडल चिकित्साधिकारी डॉक्टर आशीष गुप्ता ने आधुनिक चिकित्सा विज्ञान द्वारा दिव्यांगजनों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी दी। वहीं साइबर विशेषज्ञ सर्वेश सिन्हा ने डिजिटल फ्रॉड और साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए।
कार्यक्रम में दिव्यांग कर्मचारियों की कविताओं, मंडल कला समिति के सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा स्काउट एवं गाइड बच्चों की नृत्य-नाटिका ने विशेष आकर्षण पैदा किया। वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी Abhinav Kumar Singh ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि रेलवे भविष्य में भी दिव्यांग कर्मचारियों के कल्याण, विकास और सशक्तिकरण के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।





