
नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर एक बार फिर भारत विरोधी दुष्प्रचार फैलाने की कोशिश सामने आई है। पाकिस्तान से जुड़े एक प्रोपेगेंडा सोशल मीडिया हैंडल द्वारा रक्षा मंत्री Rajnath Singh को लेकर फर्जी दावा वायरल किया गया है।
वायरल पोस्ट में यह झूठा दावा किया गया कि रक्षा मंत्री ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी को भारत के समर्थन से जुड़ा बयान दिया है। हालांकि, जांच में यह दावा पूरी तरह निराधार और भ्रामक पाया गया।
सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी PIB Fact Check ने सोमवार को इस दावे को पूरी तरह फर्जी बताया। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि रक्षा मंत्री ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा कंटेंट मनगढ़ंत है।
पीआईबी फैक्ट चेक ने लोगों से अपील की है कि भारत सरकार और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में फैलाए जा रहे झूठे नैरेटिव से सतर्क रहें। एजेंसी ने कहा कि किसी भी संदिग्ध पोस्ट या वीडियो को बिना सत्यापन शेयर न करें।
हाल के दिनों में रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में सोशल मीडिया पर कई फर्जी दावे और एडिटेड वीडियो वायरल किए गए हैं। कुछ समय पहले पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट्स ने भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी Vice Admiral AN Pramod का एक कथित वीडियो साझा किया था। उसमें दावा किया गया था कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान ने भारतीय विमानों और वायुसेना ठिकानों को निशाना बनाया था।
बाद में फैक्ट चेक यूनिट ने जांच में पाया कि यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की मदद से तैयार किया गया ‘डीपफेक वीडियो’ था। अधिकारियों के मुताबिक, वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था और उनके चेहरे व आवाज के साथ छेड़छाड़ कर फर्जी वीडियो तैयार किया गया था।
सरकारी एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही भ्रामक खबरों और वीडियो पर आंख बंद कर भरोसा न करें तथा किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें।




