
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी: केंद्रीय पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार की अध्यक्षता में कमिश्नरी सभागार में आयोजित बैठक में वाराणसी को विश्वस्तरीय पर्यटन डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने को लेकर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात, मंडलायुक्त एस राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं पर्यटन क्षेत्र से जुड़े संगठन उपस्थित रहे।
बैठक में धार्मिक, सांस्कृतिक एवं विरासत पर्यटन को बढ़ावा देने, पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं के विकास, स्वच्छता, यातायात व्यवस्था एवं पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर दिया गया अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि देशी-विदेशी पर्यटकों को बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। साथ ही पर्यटन क्षेत्र में निवेश और रोजगार सृजन की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने प्रस्तावित पर्यटन परियोजनाओं की जानकारी दी तथा टूर ऑपरेटर, होटल, टूरिस्ट गाइड और विभिन्न एसोसिएशनों से सुझाव लिए गए। बैठक में डिजिटल सूचना प्रणाली, स्थानीय कला-संस्कृति एवं व्यंजनों के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने पर सहमति बनी। होटल एसोसिएशन ने नियमित प्रशासनिक बैठकों और गंगा पार सिग्नेचर ब्रिज निर्माण का सुझाव दिया, जबकि पार्किंग व्यवस्था को पारदर्शी बनाने हेतु साइनेज लगाने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में बताया गया कि काशी विश्वनाथ धाम पुनर्निर्माण के बाद वर्ष 2021 से 2025 तक लगभग 44 करोड़ पर्यटक वाराणसी पहुंचे हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिला है। अधिकारियों ने वाराणसी को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिलाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।





