
Noida में बढ़ते वायु प्रदूषण और धूल की समस्या को लेकर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शनिवार को ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। अभियान का उद्देश्य शहर की सड़कों पर धूल के स्तर का आकलन करना और सड़क सफाई व्यवस्था की समीक्षा करना था।
आयोग द्वारा गठित 19 फ्लाइंग स्क्वाड टीमों को शहर के अलग-अलग इलाकों में तैनात किया गया। इन टीमों ने नोएडा प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आने वाले 46 सड़क खंडों का व्यापक निरीक्षण किया। जांच के दौरान सेक्टर 20, 21, 59, 62, 80, 82, 83, 84, 87, 88, 138, 140, 141 और 145 समेत कई क्षेत्रों में अत्यधिक धूल और निर्माण एवं विध्वंस कचरे के जमा होने के 28 मामले सामने आए।
निरीक्षण में पाया गया कि कई स्थानों पर नियमित सफाई, धूल नियंत्रण उपायों और निर्माण एवं विध्वंस कचरे के वैज्ञानिक निपटान में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। कुछ सड़क खंडों पर पर्याप्त जल छिड़काव और मशीनीकृत सफाई की व्यवस्था भी नहीं मिली।
आयोग ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नियमित मशीनीकृत सफाई, लक्षित जल छिड़काव और निर्माण मलबे के समय पर उठान व निपटान के निर्देश दिए हैं। साथ ही नोएडा प्राधिकरण को अनधिकृत डंपिंग रोकने और पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए निगरानी और प्रवर्तन व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया है।
आयोग ने स्पष्ट किया कि धूल नियंत्रण उपायों में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों को जवाबदेही तय करने और दोषी पाए जाने वालों पर उचित कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएक्यूएम ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में धूल-मिट्टी वायु प्रदूषण का एक बड़ा कारण बनी हुई है और इससे निपटने के लिए लगातार निगरानी और प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। आयोग ने यह भी दोहराया कि दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोतों की पहचान और नियंत्रण के लिए ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों ने आयोग को भरोसा दिलाया है कि निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को जल्द दूर किया जाएगा और धूल नियंत्रण उपायों को और प्रभावी बनाया जाएगा।





