
- रिपोर्ट: अमित कुमार
अयोध्या: जनौरा मौजा में गाटा संख्या 2035 पर हो रही अवैध प्लाटिंग के खिलाफ 2022 में की गई शिकायत पर कार्रवाई न होने का मामला सामने आया है। अब स्थानीय निवासी राजेश सिंह ने विकास प्राधिकरण अयोध्या से जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत कार्रवाई की स्थिति की जानकारी मांगी है।
*2022 में की गई थी ऑनलाइन शिकायत
राजेश सिंह पुत्र नरेंद्र देव सिंह, निवासी मौजा व पोस्ट जनौरा, तहसील सदर ने सचिव/जन सूचना अधिकारी, विकास प्राधिकरण अयोध्या को प्रार्थना-पत्र दिया है। पत्र में बताया गया है कि आलोक सिंह पुत्र बृजराज सिंह, निवासी जनौरा द्वारा दिनांक 08-08-2022 को ऑनलाइन शिकायत संदर्भ संख्या 40017722035440 के माध्यम से भूमि गाटा संख्या 2035 आदि, मौजा जनौरा पर की जा रही अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध शिकायत की गई थी।
*आश्वासन के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
प्रार्थी के अनुसार, प्राधिकरण कार्यालय की आख्या में विपक्षीगण के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। लेकिन आरोप है कि 3 साल बीत जाने के बाद भी अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
*आरटीआई में मांगी गई 5 बिंदुओं पर सूचना
इसी के चलते राजेश सिंह ने आरटीआई के तहत निम्न बिंदुओं पर जानकारी मांगी है।
1.कार्रवाई का ब्योरा*: आलोक सिंह द्वारा दिए गए प्रार्थना-पत्र के संदर्भ में अब तक क्या कार्रवाई की गई है?
2 मौके की स्थिति*: क्या वादग्रस्त भूमि गाटा सं. 2035 आदि पर अवैध प्लाटिंग अथवा कॉलोनी का निर्माण पाया गया है या नहीं?
3 दोषियों पर कार्रवाई*: उक्त अवैध निर्माण अथवा प्लाटिंग में कौन-कौन व्यक्ति दोषी पाए गए और उनके विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई?
4 *कानूनी कार्रवाई: यदि जांच में अवैध निर्माण पाया गया तो क्या उसके विरुद्ध सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की गई? यदि हां तो कृत कार्रवाई से अवगत कराया जाए।
5.सीलिंग/ध्वस्तीकरण: यदि अवैधानिक कॉलोनी अथवा प्लाटिंग पाई गई तो क्या सुसंगत धाराओं में सीलिंग अथवा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई या नहीं? यदि नहीं तो क्यों?
*वैधानिक शुल्क जमा कर मांगी सूचना
प्रार्थी ने निर्धारित समयावधि में सूचना उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। इसके लिए वैधानिक शुल्क पोस्टल ऑर्डर संख्या 60F 106842 के माध्यम से जमा किया गया है।





