
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में भाजपा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय सचिव उदिता त्यागी के विवादित बयान से सियासी और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। पीवीएस मॉल में आयोजित एक प्रेस बातचीत के दौरान उनके कथित आपत्तिजनक और सांप्रदायिक टिप्पणी वाले वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए, जिनकी कई स्तरों पर आलोचना हो रही है।
परिवार के आकार पर दिया विवादित तर्क
मीडिया से बातचीत में त्यागी ने महिलाओं को बच्चों की संख्या को लेकर दिए गए अपने पुराने बयान को स्पष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अधिक बच्चों वाला परिवार कठिन या हिंसक परिस्थितियों में खुद को बेहतर तरीके से सुरक्षित रख सकता है। इस दौरान उन्होंने उदाहरण देते हुए अपनी बात को “प्रैक्टिकल कैलकुलेशन” बताया, जिस पर भी बहस छिड़ गई।
सांप्रदायिक टिप्पणी पर बढ़ा विवाद
इसी बातचीत के दौरान उन्होंने एक विशेष समुदाय को लेकर बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जिससे मामला और गंभीर हो गया। उनके बयान को कई लोगों ने भड़काऊ और विभाजनकारी बताया है।
सोशल मीडिया पर विरोध तेज
त्यागी के बयान का वीडियो ट्विटर और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद व्यापक विरोध देखने को मिला। कई यूजर्स ने इसे नफरत फैलाने वाला बताया, जबकि कुछ ने पार्टी नेतृत्व से इस पर कार्रवाई की मांग की। सोशल मीडिया पर उन्हें पद से हटाने की मांग भी उठ रही है।
राजनीतिक असर की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सामुदायिक तनाव को बढ़ा सकते हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, चुनावी माहौल में ऐसे बयान सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं और इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।
पार्टी की चुप्पी
अब तक भारतीय जनता पार्टी या उसके महिला मोर्चा की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि बढ़ते दबाव के बीच पार्टी को इस मामले में जल्द स्पष्ट रुख अपनाना पड़ सकता है।




