
- रिपोर्ट: स्निग्धा श्रीवास्तव
दिल्ली की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। आम आदमी पार्टी (AAP) में बड़ी टूट के बीच राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने दो-तिहाई सांसदों के साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का ऐलान कर दिया। उनके साथ संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल भी बीजेपी में शामिल हो गए हैं।
“AAP अपने मूल्यों से भटक गई” — राघव चड्ढा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने कहा कि राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई सदस्य संवैधानिक प्रावधानों के तहत खुद को बीजेपी में विलय कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस पार्टी को उन्होंने 15 साल तक मेहनत से खड़ा किया, वह अब अपने मूल सिद्धांतों और नैतिकता से भटक चुकी है।
चड्ढा ने कहा, “मैं AAP से दूर जा रहा हूं और जनता के पास आ रहा हूं। पिछले कुछ समय से महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही व्यक्ति हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि अब पार्टी देशहित के बजाय निजी स्वार्थों के लिए काम कर रही है।
मोदी नेतृत्व पर जताया भरोसा
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए चड्ढा ने कहा कि केंद्र सरकार ने कई साहसिक फैसले लिए हैं, जिनसे भारत वैश्विक स्तर पर मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि वे अब प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में देशहित में काम करेंगे।
AAP का पलटवार: “गद्दार” करार
वहीं, आम आदमी पार्टी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने पार्टी छोड़ने वाले सभी सात नेताओं को “गद्दार” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने ईडी और सीबीआई का डर दिखाकर “ऑपरेशन लोटस” चलाया है और पंजाब सरकार को गिराने की कोशिश की जा रही है।
बढ़ेगा सियासी टकराव
इस घटनाक्रम के बाद दिल्ली और राष्ट्रीय राजनीति में सियासी घमासान तेज हो गया है। एक तरफ बीजेपी को इससे मजबूती मिलती दिख रही है, वहीं AAP के लिए यह बड़ा संगठनात्मक झटका माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इसका असर संसद और राज्यों की राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।





