
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी: भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) ने राज्य स्तर पर 15 नई सब्जी किस्मों का भव्य विमोचन किया। इनमें टमाटर, चेरी टमाटर, मटर, करैला, लौकी, ग्वार, विंग्ड बीन, चौलाई, सिंघाड़ा, बेबी कॉर्न और कमल जैसी प्रमुख एवं अल्प-उपयोगित फसलें शामिल हैं। संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने इस उपलब्धि को किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि ये किस्में उच्च उपज, रोग प्रतिरोधक क्षमता, जल बचत और पोषण सुरक्षा के लिहाज से क्रांतिकारी साबित होंगी। विशेष रूप से काशी चेरी टमाटर-3 एवं काशी चेरी टमाटर-14, काशी दक्ष, काशी आर्या, काशी त्रिशक्ति, काशी धन्वी और काशी परी जैसी किस्में किसानों के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोलेंगी।
आईआईवीआर का कहना है कि यह कदम “विकसित भारत 2047” मिशन के अनुरूप किसानों की आय वृद्धि और कृषि उत्पादन में सुधार के लिए एक ठोस प्रयास है। वैज्ञानिकों की मेहनत से राज्य में सब्जी उत्पादन में नया युग शुरू होने की उम्मीद है।





