
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना–2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में आज क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय, वाराणसी में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप परिवहन आयुक्त, वाराणसी परिक्षेत्र, बी.एस. सिंह द्वारा की गई।
बैठक में परिवहन विभाग एवं रोडवेज के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें मनोज वर्मा, आर.टी.ओ. (प्रवर्तन), राघवेन्द्र सिंह, आर.टी.ओ. (प्रशासन), सुधांशु रंजन, ए.आर.टी.ओ. (प्रवर्तन) तथा रोडवेज से श्री परशुराम पाण्डेय, क्षेत्रीय प्रबंधक, ए.के. सिंह, ए.आर.एम. (सिटी) एवं विजय श्रीवास्तव, ए.आर.एम. उपस्थित रहे।बैठक में मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के प्रमुख बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। योजना के अंतर्गत 15 से 28 सीटिंग क्षमता (अधिकतम 7 मीटर लंबाई) वाले डीज़ल/सीएनजी/इलेक्ट्रिक वाहनों का चयन किया जाएगा। चयनित वाहनों की अधिकतम आयु पंजीयन तिथि से 8 वर्ष निर्धारित की गई है। अनुबंध अवधि 10 वर्ष होगी, जिसे आवश्यकतानुसार 5 वर्ष तक बढ़ाया जा सकेगा।
योजना की विशेषता यह है कि चयनित वाहनों को परमिट से छूट प्रदान की जाएगी।उप परिवहन आयुक्त एवं क्षेत्रीय प्रबंधक, रोडवेज द्वारा योजना के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी गई तथा अधिक से अधिक परिवहन संचालकों को इस योजना से जुड़ने हेतु प्रेरित किया गया। उन्होंने बताया कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम छोर तक (लास्ट माइल) कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।अब तक 4 विकास खंडों से कुल 8 आवेदन प्राप्त हुए हैं। परिवहन विभाग इस प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से आमजन एवं परिवहन संचालकों से अपील करता है कि वे योजना की जानकारी प्राप्त कर इसमें सहभागिता करें तथा ग्रामीण परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में सहयोग प्रदान करें।



