-कृषि मंत्री की विभागीय अधिकारियों को चेतावनी- जिन योजनाओं में किसी भी प्रकार की लाइबिलिटी अवशेष होगी या निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष आवंटित बजट का उपभोग समय से नहीं होगा, तो संबंधित अधिकारी का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए उनके वेतन से वसूली किया जाएगा
-कृषि मंत्री ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए
-आगामी अप्रैल महीने में के0सी0सी0 का अभियान चला कर अधिक से अधिक कृषकों को आच्छादित कराए
रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा, अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में शुक्रवार को सर्किट हाउस सभागार मेें कृषि विभाग में संचालित समस्त योजनाओं की वित्तीय प्रगति विषयक मण्डल एवं जनपद स्तर के अधिकारियों की समीक्षा बैठक हुई। जिसमें संयुक्त कृषि निदेशक, वाराणसी मण्डल के साथ-साथ उप कृषि निदेशक (शोध), उप कृषि निदेशक/जिला कृषि अधिकारी, चन्दौली, गाजीपुर, भूमि संरक्षण अधिकारी, वाराणसी/चन्दौली, सहायक निदेशक (मृ0प0/क0)मृ0प0 प्रयोगशाला, जिला कृषि रक्षा अधिकारी एवं उर्वरक विश्लेषक, प्रयोगशाला द्वारा प्रतिभाग किया गया। कृषि मंत्री द्वारा जायद 2026 के अन्तर्गत जनपद चन्दौली को हाइब्रिड मक्का 10 कुं0 लक्ष्य के सापेक्ष 5.2कुं0, जनपद गाजीपुर 2.00 कुं0 लक्ष्य के सापेक्ष 1 कुं0 का वितरण किया गया पाया, जिसे शत-प्रतिशत वितरण कराए जाने हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया गया तथा उर्द एवं मूंग बीज वितरण की समीक्षा के दौरान सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि उर्दू एवं मूंग बीज की यदि आवश्यकता हो तो अपनी-अपनी मांग तत्काल निदेशालय प्रेषित करें तथा उर्द एवं मूंग के मिनीकिट एवं गन्ना अंतः फसली के अंतर्गत जिन किसानों को निशुल्क उर्द मूंग के बीज वितरण किए गए है आगामी दिनों में स्थलीय निरीक्षण किए जाने की अपेक्षा की गई है।
कृषि मंत्री द्वारा एग्री जंक्शन, ऑयल सीड्स एण्ड ऑयल पाम, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना नेचुरल फार्मिंग योजना, जिप्सम, किसान पाठशाला योजना, इनसीटू योजना, उ0प्र0 मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम, उ0प्र0 दलहन बीज मिनीकिट वितरण, पी0के0वी0 वाई, तिलहन बीज मिनीकिट वितरण, सब मिशन आन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन, ने0मि0 आन ए0ए0 एण्ड टेक्नोलॉजी, नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, एन0ई0जी0पी0ए0 एवं त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत आवंटित धनराशि के सापेक्ष वित्तीय प्रगति की समीक्षा करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि उपरोक्त योजनाओं में आवंटित धनराशि का भली-भॉति अनुश्रवण कर लें तथा जिन योजनाओं में आवंटित धनराशि के सापेक्ष वित्तीय प्रगति कम है उसका शत-प्रतिशत व्यय किया जाना सुनिश्चित करें। जिन योजनाओं में भौतिक पूर्ति के सापेक्ष बजट अप्राप्त/कम है उन योजनाओं में तत्काल बजट की मांग करते हुए शत-प्रतिशत व्यय किया जाए। साथ ही निर्देशित किया गया कि वित्तीय वर्ष समाप्ति में कुछ ही दिन अवशेष है सभी अधिकारी पूरी ऊर्जा के साथ किसान हित में कार्य करे जिन योजनाओं में किसी भी प्रकार की लाइबिलिटी अवशेष होगी या निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष आवंटित बजट का उपभोग समय से नहीं होगा।
सम्बन्धित अधिकारी का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए उनके वेतन से वसूली किया जाएगा। फार्मर रजिस्ट्री के अन्तर्गत जनपद वाराणसी द्वारा कुल लक्ष्य-225797 के सापेक्ष, 156103 की पूर्ति, जनपद चन्दौली कुल लक्ष्य-235989 के सापेक्ष 172438 की पूर्ति एवं जनपद गाजीपुर कुल लक्ष्य-473074 के सापेक्ष, 322527 की किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाई गई है जिसे शत-प्रतिशत पूर्ति कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया, क्योंकि भविष्य में इसी के आधार पर कृषकों एवं अन्य कृषि निवेश वितरित किए जाएगें।
बैठक के दोैरान समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जनपद एवं मण्डल स्तर पर संचालित समस्त योजनाओं के अन्तर्गत बीज एवं कृषि यंत्रों पर देय अनुदान के सम्बन्ध में कृषकों के प्रचार-प्रसार कराते रहें तथा न्याय पंचायत स्तरीय/विकास खण्ड स्तरीय/जनपद स्तरीय/मण्डल स्तरीय गोष्ठियों में क्षेत्रीय माननीय जन प्रतिनिधियों को विशेष रूप से प्रतिभाग कराया जाए। माह अप्रैल-2026 में के0सी0सी0 का अभियान चला कर अधिक से अधिक कृषकों को आच्छादित कराएं साथ ही रवि में जिन किसानों ने केसीसी बनवाया था यदि उनका प्रीमियम की कटौती प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत नहीं हुई है तो इसका सत्यापन कराया जाए यदि किसान ने आप डाउट नहीं किया है तो ऐसी स्थिति में संबंधित बैंक के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए जनपद में स्थापित राजकीय कृषि प्रक्षेत्र से सम्बन्धित अधिकारी अपने-अपने प्रक्षेत्रों की गहन समीक्षा करते हुए गुणवत्तायुक्त बीज उत्पादन का कार्य कराया जाना सुनिश्चित करें तथा समस्त जनपदीय एवं मण्डलीय अधिकारी दैनंदिनी आगामी खरीफ-2026-27 में अनिवार्य रूप से भरें, जिसका अनुश्रवण भविष्य में किया जा सकता है।