-जिले में पूरे अप्रैल माह चलेगा विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान
-10 अप्रैल से शुरू होगा दस्तक अभियान, घर-घर जाएंगे स्वास्थ्यकर्मी
-अभियान के सफलता पूर्वक संचालन के लिए आयोजित हुई जिला टास्क फोर्स की बैठक
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। जनपद में संचारी रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया आदि मच्छर जनित बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण और कार्रवाई के लिए एक से 30 अप्रैल तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 10 से 30 अप्रैल तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा। अभियान के सफलता पूर्वक संचालन के लिए गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग व विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय से डेंगू, मलेरिया, टीबी, फाइलेरिया आदि संचारी रोगों की रोकथाम के लिए यह अभियान पूरे अप्रैल माह संचालित किया जाएगा। समस्त विभागों के सामंजस्य से ही इस अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाया जा सकता है।
डेंगू की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग सहित समस्त सहयोगी विभागों को ठोस कदम उठाने होंगे। उन्होंने पंचायती राज एवं ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया कि आपसी समन्वय से साफ-सफाई का कार्य, लार्वी साइडल स्प्रे, फॉगिंग, खराब इण्डिया मार्क-2 हैण्डपम्प की मरम्मत एवं उथले हैण्डपम्पों के चिन्हीकरण, नालियों एवं तालाबों की साफ-सफाई एवं मार्गों के खरपतवार/झाड़ियों की कटाई-छंटाई का कार्य कराया जाए। जिले में पिछले 5 वर्षों में पाये गये डेंगू रोगियों के आधार पर नगर निगम के 11 वार्डों के मुहल्ले एवं ग्रामीण क्षेत्रों के 69 ग्राम अतिसंवेदनशील चयनित किये गये है। उन्होंने ने निर्देशित किया कि इन हाई रिस्क वाले गांव व क्षेत्र की विशेष निगरानी की जाए जिससे वेक्टर घनत्व नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने निर्देशित किया कि कोल्ड फागिंग शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी कराया जाये। हीट वेव के प्रबंधन हेतु आवश्यक गतिविधियाँ संचालित की जायें। गर्मी के मौसम में संबंधित रोगों (हीट रिलेटेड इलनेसेज) के विषय में अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित करते हुए भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर जनमानस हेतु शीतल एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, गर्मी से बचाव हेतु शेलटर्स की व्यवस्था, व्यस्त स्थानों पर मौसम के पूर्वानुमान तथा तापमान का डिस्प्ले, हीट वेव से बचाव हेतु जनमानस में व्यापक प्रचार-प्रसार तथा विद्यालयों में हीट वेव से बचाव हेतु उपायों का विद्यार्थियों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये।
जिलाधिकारी ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी व नगर निगम को निर्देशित किया कि संक्रामक रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए माइकिंग के माध्यम से प्रचार-प्रसार का कार्य कराया जाए। नगरीय क्षेत्रों में झुग्गी झोंपड़ी व स्लम एरिया क्षेत्रों में विशेष रूप से सफाई अभियान चलाया जाए। साफ-सफाई कीटनाशक रसायनों का छिड़काव, फॉगिंग, जलजमाव निकासी, मच्छरों के प्रजनन स्थानों का नष्टीकरण, ब्रीडिंग न होने देना सोर्स रिडेक्शन का कार्य कराया जाए। वेक्टर जनित रोगों यथा डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया, फाइलेरिया तथा कालाजार आदि रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए प्रचार-प्रसार का कार्य करायेंगे। मोहल्ला निगरानी समिति द्वारा उपरोक्त कार्यों का अनुश्रवण किया जाएगा।
सीएमओ डॉ राजेश प्रसाद ने बताया कि इस अभियान में संचारी रोग जैसे डेंगू, मलेरिया, दिमागी बुखार आदि के साथ ही टीबी, कुष्ठ, कालाजार एवं फाइलेरिया के लक्षणयुक्त मरीजों को भी चिन्हित करने पर जोर रहेगा। अभियान के अंतर्गत ही 10 से 30 अप्रैल तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा| जिसमें आशा व आगंनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया आदि संचारी रोगों के प्रति जागरूक करेंगी। उन्होंने बताया कि इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, नगर विकास, पंचायतीराज, पशुपालन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, दिव्यांगजन कल्याण विभाग, कृषि एवं सिंचाई विभाग सहित अन्य विभाग समन्वय बनाकर कार्य करेंगे। स्वास्थ्य विभाग अभियान का नोडल विभाग रहेगा। माइक्रो प्लान के अनुसार अभियान में घर-घर भ्रमण के दौरान आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संक्रमण से बचने व बुखार होने पर “क्या करें, क्या न करें” का प्रत्येक प्रमुख स्थान पर प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को जागरूक करेंगी।
बैठक में एसीएमओ, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, डिप्टी सीएमओ, डीपीआरओ, डीपीओ (आईसीडीएस), जिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय समेत समस्त खण्ड विकास अधिकारी डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ प्रतिनिधि, अन्य विभागों के मुख्य अधिकारी व सहकर्मी उपस्थित रहे।




