
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। दिनांक 14 मार्च 2026 से 16 मार्च 20267 तक उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज स्थित डीएसए ग्राउंड – भारत स्काउट हट में गाइड विंग की टेस्टिंग कैम्प परीक्षा का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस शिविर में नेशनल हेडक्वार्टर द्वारा निर्धारित ‘एपीआरओ पार्ट-III’ पुस्तक के पाठ्यक्रम के आधार पर बुलबुल, गाइड और रेंजर सदस्यों के लिए क्रमशः स्वर्ण पंख, तृतीय सोपान और निपुण परीक्षा आयोजित की गई। यह आयोजन भारत स्काउट एवं गाइड, राज्य मुख्यालय की वाइस प्रेसिडेंट आयुषी भटनागर के कुशल मार्गदर्शन में किया गया।
इस परीक्षा शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि उत्तर मध्य रेलवे भारत स्काउट एवं गाइड के प्रयागराज जिले में प्रथम बार 5 से 10 वर्ष के आयु वर्ग की ‘बुलबुल’ सदस्यों ने इसमें प्रतिभाग किया। उत्तर मध्य रेलवे में प्रथम बार कार्य के दौरान श्रीमती आयुषी भटनागर ने यह अनुभव किया था कि छोटे बच्चों के लिए बुलबुल की कक्षाओं और पाठ्यक्रम को अधिक आकर्षक बनाने के लिए इसे कलात्मक और डिजिटल माध्यम से प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उनके इसी दृष्टिकोण को अपनाते हुए, वर्तमान परिवेश के अनुरूप ‘एपीआरओ पार्ट-III’ के पाठ्यक्रम को डिजिटल रूप में विकसित करने की पहल की गई।
इस कार्य को मूर्त रूप देने का दायित्व श्रीमती ज्योति कुमारी, लिपिक/सामान्य प्रशासन/मुख्यालय (एच डबलू बी-गाइड ) के मार्गदर्शन में फ्लॉक लीडर सुश्री पूजा शर्मा एवं सुश्री अंकिता शर्मा को सौंपा गया। पिछले 9 महीनों के कड़े प्रशिक्षण, बच्चों की रचनात्मकता और अभिभावकों के साथ निरंतर समन्वय के परिणामस्वरूप एक बेहतरीन ‘डिजिटल बुक’ तैयार की गई। इस पहल ने अभिभावकों का भी विशेष ध्यान आकर्षित किया।इस 12 माह के पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण का शानदार परिणाम इस परीक्षा में देखने को मिला।
इस शिविर में कुल 23 प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सफलतापूर्वक परीक्षा उत्तीर्ण की, जिनमें बुलबुल विंग (स्वर्ण पंख परीक्षा): 6 सदस्य, गाइड विंग (तृतीय सोपान): 11 प्रतिभागी, रेंजर विंग (निपुण परीक्षा): 6 प्रतिभागी शामिल रहे। इस ऐतिहासिक उपलब्धि और बुलबुल सदस्यों के उत्कृष्ट प्रदर्शन में फ्लॉक लीडर सुश्री पूजा शर्मा एवं सुश्री अंकिता शर्मा का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा।
उक्त परीक्षा कैम्प के सफल आयोजन में जिला संगठन आयुक्त (गाइड) श्रीमती राजकुमारी एवं जिला प्रशिक्षण आयुक्त (गाइड) श्रीमती नूरी सिद्दीकी का विशेष और महत्वपूर्ण सहयोग रहा। इसके अतिरिक्त, कैम्प को सुचारू रूप से संपन्न कराने में सभी फ्लॉक लीडर, एच डबलू बी-गाइड एवं रेंजर लीडर ने भी अपना सक्रिय और बहुमूल्य योगदान दिया।





