
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। तीन दिवसीय “अंतर्राष्ट्रीय गौ महोत्सव 2026” का सफल आयोजन काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी स्थित शताब्दी कृषि सभागार में संपन्न हुआ। तीन दिवसीय इस भव्य आयोजन ने गौ-आधारित अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देने के साथ आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत आधार प्रदान किया।इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश से आए कृषि वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, उद्यमियों एवं किसानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम में 600 से अधिक प्रतिभागियों की प्रत्यक्ष उपस्थिति रही, जबकि 30,000 से अधिक लोग ऑनलाइन माध्यम से इससे जुड़े। महोत्सव के दौरान वैदिक कृषि, गौ-आधारित प्राकृतिक खेती, पंचगव्य आधारित नवाचार, जैविक उत्पादों के प्रसार तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
महोत्सव के संयोजक एवं शिव शक्ति परिवार फाउंडेशन के संस्थापक सीए धनंजय ओझा ने कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा पर आधारित आर्थिक मॉडल को पुनर्स्थापित करने का एक व्यापक अभियान है। उन्होंने बताया कि गौ-आधारित कृषि प्रणाली न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के आयुष राज्य मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने गौ-आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक विज्ञान और पारंपरिक ज्ञान के समन्वय से ही सतत विकास संभव है।
इस अवसर पर यह भी घोषणा की गई कि इस मॉडल को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और किसानों को आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी।
समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे गौ-आधारित उत्पादों, प्राकृतिक खेती और जैविक जीवनशैली को बढ़ावा देंगे, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और भारत आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर हो सके।कार्यक्रम में आयुष मंत्री, उत्तर प्रदेश), भिखारी प्रजापति जी (अध्यक्ष, विश्व हिन्दू महासंघ, उत्तर प्रदेश), श्री श्याम बिहारी गुप्ता जी (गौ सेवा आयोग सदस्य), सुभाष पालेकर जी, कमल टावरी जी, यू.पी. सिंह जी, सुनील मानसिंहका जी, प्रो. गुरु प्रसाद सिंह जी, अरविन्द सिंह जी, प्रो. के.के. पाण्डेय जी, विवेकानंद जी तथा नागेश जी ने विचार व्यक्त किये। अंत मे सफल आयोजन के लिए महोत्सव के संयोजक एवं शिव शक्ति परिवार फाउंडेशन के संस्थापक सीए धनंजय ओझा ने धन्यवाद दिया।





