-क्यूआर कोड की सुविधा के बाद भी किराया जमा करने में कर रहे हीलाहवाली, नगर निगम सख्त, दी चेतावनी
-भैंसा वाड़ा और नया चौक के दुकानदारों पर 28.57 लाख का बकाया, पुलिस बल के साथ खाली होंगी दुकानें
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी : नगर निगम ने राजस्व वसूली को लेकर सख्त है । गृहकर व जलकर की वसूली के अलावा दुकानों के बकाया किराए को लेकर भी वसूली तेज कर दी है। इस क्रम शनिवार को निगम ने भैंसा वाड़ा और नया चौक क्षेत्र की 70 दुकानों को दोबारा नोटिस जारी करते हुए तीन दिनों के भीतर बकाया जमा करने का अल्टीमेटम दिया है। निर्धारित समय में भुगतान न होने पर दुकान का आवंटन निरस्त कर उसे पुलिस बल की मदद से खाली कराने की चेतावनी दी है।
निगम दुकानदारों की सहूलियत के लिए किराया जमा करने की प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया है। सभी दुकानों पर क्यूआर कोड की सुविधा भी प्रदान की गई है, ताकि दुकानदार आसानी से भुगतान कर सकें। इसके बावजूद कई दुकानदार किराया जमा करने में हीलाहवाली कर रहे हैं। सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव के अनुसार, पिछले दिनों करीब 600 दुकानदारों को नोटिस दिया गया था, लेकिन कुछ दुकानदारों द्वारा लगातार की जा रही हीलाहवाली के बाद अब सीधे कार्रवाई का निर्णय लिया गया है।
आवंटन होगा निरस्त, पुलिस बल के साथ होगी कुर्की
निगम ने जिन 70 दुकानों को नोटिस दिया गया, उन पर 28,57,693 रुपये किराया बाकी है । इसमें भैंसा वाड़ा की 25 दुकानों पर 14,36,631 रुपये और नया चौक की 45 दुकानों पर 14,21,062 रुपये बकाया हैं। यह दुकानदार लंबे समय से किराया नहीं दे रहे हैं । सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि ऐसे दुकानदारों को तीन दिन की और मोहलत दे दी गई है । इसके बाद दुकानों के आवंटन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जो दुकानदार फिर भी सहयोग नहीं करेंगे, उनकी दुकानों का ताला पुलिस बल की मौजूदगी में तोड़कर निगम अपने कब्जे में ले लेगा। शहर भर में निगम की कुल 1800 दुकानें हैं, जिन पर आने वाले दिनों में इसी तरह की कड़ी कार्रवाई प्रस्तावित है।
तीन साल में पौने पांच गुना बढ़ी वसूली
नगर निगम की इस सख्ती का असर राजस्व पर भी दिख रहा है। पिछले तीन वर्षों में दुकान के किराए की वसूली में रिकॉर्ड इजाफा हुआ है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में जहां महज 80 लाख रुपये की वसूली हुई थी, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 2.72 करोड़ पहुंच गई। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 3.80 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं। इस प्रकार देखा जाए तो बीते तीन वर्षों में निगम की किराया वसूली करीब 4.75 गुना (करीब पांच गुना) तक बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि बकाया भुगतान न होने की स्थिति में अन्य इलाकों में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।





