
रिपोर्ट: राजीव आनन्द
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों पर सरकार ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रदेश के 17 डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस में लिप्त पाए गए हैं, जबकि वे एनपीए (नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस) ले रहे थे। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
आपको बता दें कि इससे पहले भी कई बार डॉक्टरों को चेतावनी दी जा चुकी थी, लेकिन वे फिर भी नियमों का उल्लंघन करते रहे। इसी कारण डिप्टी सीएम ने अब सख्ती से कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं, ताकि इस पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके।
यह कदम यूपी सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में पारदर्शिता और नियमों की सख्ती से पालन को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
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